scorecardresearch
Wednesday, 25 February, 2026
होमदेशभारत ने मिसाइलों के लिए अहम प्रौद्योगिकी एसएफडीआर का सफल परीक्षण किया

भारत ने मिसाइलों के लिए अहम प्रौद्योगिकी एसएफडीआर का सफल परीक्षण किया

Text Size:

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मंगलवार को ठोस ईंधन डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) प्रौद्योगिकी का सफल परीक्षण किया। इस उपलब्धि के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास यह अत्याधुनिक तकनीक है। यह प्रौद्योगिकी लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के विकास में सहायक होगी और शत्रु पर रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह परीक्षण ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में किया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर प्रौद्योगिकी के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ और उद्योग जगत की सराहना की।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इस सफल प्रदर्शन ने भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल कर दिया है जिनके पास यह प्रौद्योगिकी है, जो लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को विकसित करने में सक्षम बनाती है, जिससे प्रतिद्वंद्वियों पर सामरिक बढ़त हासिल होती है।’

इसमें कहा गया कि नोजल-लेस बूस्टर, एसएफडीआर मोटर और ईंधन प्रवाह नियंत्रक सहित सभी उप-प्रणालियों ने वांछित मैक संख्या तक प्रारंभिक रूप से ‘ग्राउंड बूस्टर मोटर’ द्वारा संचालित किए जाने के बाद अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया।

बयान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के तट पर आईटीआर, चांदीपुर द्वारा तैनात कई ट्रैकिंग उपकरणों द्वारा प्राप्त उड़ान डेटा से प्रणाली के प्रदर्शन की पुष्टि हुई है।

इस परीक्षण की निगरानी डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा की गई, जिनमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, अनुसंधान केंद्र इमारत और आईटीआर शामिल हैं।

बयान में कहा गया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने भी सफल परीक्षण में शामिल सभी टीमों को बधाई दी।

भाषा तान्या नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments