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Friday, 6 March, 2026
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भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 का युद्ध : लोंगेवाला के नायक का एम्स-जोधपुर में निधन

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(फोटो के साथ)

जोधपुर/नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) राजस्थान की लोंगेवाला चौकी पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस और असाधारण वीरता दिखाने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्व जवान (सैनिक) भैरों सिंह राठौड़ का सोमवार को जोधपुर में निधन हो गया।

वह 81 वर्ष के थे।

भारत-पाकिस्तान के इस युद्ध पर बनी बॉलीवुड की लोकप्रिय फिल्म ‘बॉर्डर’ में अभिनेता सुनील शेट्टी ने उनका किरदार निभाया था।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने एक ट्वीट किया, ‘‘जांबाज भैरों सिंह राठौड़ ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-जोधपुर में अंतिम सांस ली। बीएसएफ के महानिदेशक और सभी रैंकों के अधिकारियों ने 1971 के युद्ध के दौरान लोंगेवाला युद्ध के हीरो एवं सेना पदक से सम्मानित नायक (सेवानिवृत्त) भैरों सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। बीएसएफ उनकी बहादुरी, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सलाम करता है। ’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भैरों सिंह राठौड़ के निधन पर दुख जताया है।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ नायक (सेवानिवृत्त) भैरों सिंह जी को हमारे राष्ट्र के लिए उनकी सेवा के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर महान साहस दिखाया। उनके निधन से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। ओम शांति। ’’

अमित शाह ने भैरों सिंह राठौड़ के साथ पिछले वर्ष दिसंबर में हुई अपनी एक मुलाकात का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ पिछले वर्ष अपने जैसलमेर के प्रवास पर भैरों सिंह राठौड़ जी से भेंट हुई थी, मातृभूमि के लिए प्रेम और देशभक्ति की जो ज्वाला उनके दिल में थी, वो सचमुच अद्वितीय थी। उनकी शौर्यगाथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। ईश्वर उनके परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति। ’’

केंद्रीय गृह मंत्री ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘ वर्ष 1971 के युद्ध के नायक भैरों सिंह राठौड़ जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। लोंगेवाला चौकी पर सेना के साथ बीएसएफ की एक छोटी सी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए उन्होंने अपने पराक्रम से दुश्मन को परास्त कर भारत माता का मस्तक ऊँचा किया। उनकी वीरता पर हर भारतीय को हमेशा गर्व रहेगा। ’’

भैरों सिंह राठौड़ के बेटे सवाई सिंह ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि उनके पिता को तबीयत बिगड़ने और उनके अंगों में लकवा लगने के बाद 14 दिसंबर को जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था।

सवाई सिंह ने कहा, ‘‘ चिकित्सकों ने हमें बताया कि मेरे पिता को संभवतः ब्रेन स्ट्रोक हुआ है। वह पिछले कुछ दिनों के दौरान कभी गहन चिकित्सा कक्षा (आईसीयू) में अथवा उससे बाहर रहे हैं। ’’

भैरों सिंह का परिवार जोधपुर से करीब 120 किमी दूर सोलंकियातला गांव में रहता है।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि भैरों सिंह राठौड़ के पार्थिव शरीर को जोधपुर में बीएसएफ के एक प्रशिक्षण केंद्र में ले जाया गया है, जहां मंगलवार को श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद उनके गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी भैरों सिंह राठौड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

सुनील शेट्टी ने ट्वीट किया, ‘‘ नायक भैरों सिंह जी की आत्मा को शांति मिले। परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ’’

वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भैरों सिंह राठौड़ को थार रेगिस्तान में लोंगेवाला चौकी पर तैनात किया गया था, जो एक छोटी सी बीएसएफ इकाई की कमान संभाल रहे थे और उनके साथ सेना की 23 पंजाब रेजिमेंट की एक कंपनी थी।

यह इन लोगों की बहादुरी थी, जिसने पांच दिसंबर, 1971 को इस स्थान पर एक हमलावर पाकिस्तानी ब्रिगेड और टैंक रेजिमेंट को तबाह कर दिया था।

उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए उन्हें 1972 में सेना पदक मिला। युद्ध के दौरान 14वीं बीएसएफ बटालियन के साथ तैनात, भैरों सिंह राठौड़ 1987 में सेवानिवृत्त हुए थे।

भाषा रवि कांत दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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