नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) भारत ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के संस्कृति मंत्रियों की बैठक के 20वें सत्र की मेजबानी की, जिसमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने ‘आपसी सम्मान, विविधता और समावेशिता के माध्यम से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व’ को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक सहयोग और संवाद के महत्व पर जोर दिया।
संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के संस्कृति मंत्रियों ने बैठक में भाग लिया।
भारत वर्तमान में एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है।
बयान में कहा गया है कि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री रेड्डी ने एससीओ के सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक के 20वें सत्र की मेजबानी की।
बयान के अनुसार, बैठक के अंत में, ‘प्रोटोकॉल को एससीओ के सदस्य देशों के सभी संस्कृति मंत्रियों द्वारा अपनाया और हस्ताक्षरित किया गया।’’
सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों ने एससीओ के सदस्य देशों की सरकारों के बीच समझौते के आलोक में एससीओ प्रारूप के दायरे में आपसी सहयोग बढ़ाने पर अपने विचार व्यक्त किये।
अपने उद्घाटन भाषण में, रेड्डी ने एससीओ राष्ट्रों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया।
उन्होंने आपसी सम्मान, विविधता और समावेशिता के माध्यम से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रचार में सांस्कृतिक सहयोग और संवाद के महत्व का हवाला दिया।
बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर एससीओ देशों की साझा बौद्ध विरासत पर विशेष रूप से तैयार की गई डिजिटल प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।
भाषा सुरेश दिलीप
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