नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बावजूद भारत के पास कच्चा तेल, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है. साथ ही एलएनजी और एलपीजी की सप्लाई बिना रुकावट जारी है.
संयुक्त मंत्रालयों की प्रेस ब्रीफिंग में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि देश के पास अभी कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और अगले दो महीने के लिए ईंधन की सप्लाई सुरक्षित है. उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां 100% या उससे ज्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 20% की बढ़ोतरी हुई है.
उन्होंने बताया कि वैश्विक तनाव की वजह से कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ी हैं. हालांकि, सरकार ने स्थिति को संभालने और देश में सप्लाई बनाए रखने के लिए कई ज़रूरी कदम उठाए हैं.
सुजाता शर्मा ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, इस समय युद्ध जैसे हालात हैं और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से हमारी सप्लाई प्रभावित हुई है. कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी सभी पर असर पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारत सरकार ने कई स्तरों पर ज़रूरी फैसले लेकर स्थिति को संभाला है. आज हमारे पास पर्याप्त कच्चा तेल मौजूद है और अगले दो महीने की सप्लाई सुरक्षित है. एलपीजी और पीएनजी की स्थिति भी आरामदायक है. हमारी रिफाइनरियां 100% या उससे ज्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में 20% बढ़ोतरी हुई है.”
उन्होंने बताया कि भारत एलपीजी के आयात पर काफी निर्भर है और करीब 90% आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते आता है. इसलिए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी. इस दौरान कमर्शियल एलपीजी सप्लाई कुछ समय के लिए रोकी गई और बाद में चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की गई. पहले 20% सप्लाई बहाल की गई, फिर पीएनजी नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 10% और जोड़ा गया. इसके बाद इसे 50% तक किया गया और अब इसे बढ़ाकर 70% कर दिया गया है.
सुजाता शर्मा ने बताया कि 14 मार्च से अब तक करीब 30,000 टन कमर्शियल एलपीजी सप्लाई की गई है. इसमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी गई. साथ ही स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और प्लास्टिक जैसे ज़रूरी सेक्टर को भी प्राथमिकता दी गई है.
इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के लिए करीब 30,000 छोटे 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर भी बांटे गए हैं.
सरकार का कहना है कि इन कदमों से सप्लाई चेन स्थिर हुई है और देशभर में ज़रूरी ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.
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