नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) स्वीडन के ‘थिंक टैंक’ एसआईपीआरआई ने सोमवार को एक नयी रिपोर्ट में कहा कि भारत 2021 से 2025 तक हथियारों और सैन्य उपकरणों का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक था और इनका एक बड़ा हिस्सा रूस से आयात हुआ।
स्टॉकहॉम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एसआईपीआरआई) ने कहा कि 2021 से 2025 तक दुनियाभर में जितने हथियारों का निर्यात हुआ, उनमें से 9.7 प्रतिशत यूक्रेन को मिला, इस लिहाज से वह इस अवधि के दौरान शीर्ष पर रहा।
थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट ‘ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स’ में बताया है कि चीन घरेलू उत्पादन में विस्तार के कारण 1991-1995 के बाद पहली बार शीर्ष 10 हथियार आयातकों की सूची से बाहर हो गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021-25 के दौरान सभी अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्यातों में से 42 प्रतिशत की आपूर्ति अमेरिका ने की, जो 2016 से 2020 में 36 प्रतिशत थी।
एशिया और ओशिनिया के चार देश- भारत, पाकिस्तान, जापान और ऑस्ट्रेलिया- 2021 से 2025 के बीच वैश्विक स्तर पर हथियारों के 10 सबसे बड़े आयातकों में शामिल थे।
साल 2021 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में मुख्य आपूर्तिकर्ता अमेरिका था, जिसकी क्षेत्रीय हथियार आयात में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। रूस की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत और चीन की 14 प्रतिशत थी।
एसआईपीआरआई ने कहा, ‘भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश था। वर्ष 2016 से 2020 और 2021 से 2025 के बीच इसके आयात में मामूली (चार प्रतिशत) कमी आई।’
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत के हथियार आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया, जो 40 प्रतिशत था। यह 2016-20 (51 प्रतिशत) की तुलना में काफी कम हिस्सा है और 2011-15 (70 प्रतिशत) की तुलना में लगभग आधा है।’’
भाषा जोहेब सुरेश
सुरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.