नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) भारत और मिस्र ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगियों, परोक्ष समूहों, समर्थकों, प्रायोजकों और वित्तपोषकों के खिलाफ समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया है।
बुधवार को नयी दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवादियों की भर्ती, आतंकी उद्देश्यों के लिए प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे पारंपरिक एवं उभरते खतरों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खतरे से निपटने में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की।
विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद रोधी संयुक्त कार्य समूह की बैठक के संबंध में कहा, ‘‘भारत और मिस्र ने आतंकवाद का मुकाबला करने में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया, जो भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी की भावना को दर्शाता है।’’
इसने कहा कि दोनों पक्ष सीमा पार आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंकवाद की स्पष्ट और दृढ़ निंदा करते हैं, साथ ही इस खतरे के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ के सिद्धांत की पुष्टि करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और मिस्र ने दोहराया कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
इसने कहा कि भारत और मिस्र ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल सभी लोगों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए तथा न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
भाषा नेत्रपाल
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