नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और चीन ने पिछले कुछ दशकों में ‘‘उल्लेखनीय’’ विकास हासिल किया है। यह उनकी ‘‘कड़ी मेहनत’’ के कारण संभव है, न कि दूसरों की ‘‘उदारता’’ के कारण।
उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया कि बाहरी शक्तियों ने बीजिंग के आर्थिक उत्थान को बढ़ावा दिया है।
शू की टिप्पणियों को काफी हद तक अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ की हालिया टिप्पणियों के खंडन के रूप में देखा जा रहा है। लैंडो ने हाल ही में चीन के लिए अमेरिकी आर्थिक समर्थन को एक ‘‘गलती’’ बताया था और कहा था कि वाशिंगटन नयी दिल्ली के साथ इसे दोहराने से बचेगा।
अमेरिका पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए चीनी राजदूत ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए किसी भी देश का नाम लिए बिना कहा कि कुछ तत्व चीन और भारत को सद्भाव में रहते हुए नहीं देखना चाहते और ‘‘तथाकथित चीन के खतरे’’ को ‘‘बढ़ा-चढ़ाकर’’ पेश करते हैं।’’
भाषा यासिर संतोष
संतोष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
