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Wednesday, 4 March, 2026
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आधारभूत परियोजनाओं को निशाना बनाने के लिए जनहित याचिकाओं का उपयोग बढ़ रहा है: न्यायालय

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नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मुंबई में एक भूखंड के पुनर्विकास को चुनौती देने वाली एक याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निशाना बनाने के लिए जनहित याचिकाओं (पीआईएल) का उपयोग बढ़ रहा है।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, ‘‘जनहित याचिका ब्लैकमेल का साधन बन सकती है, जब यह एक बुनियादी ढांचा परियोजना का मुद्दा हो। यह वास्तव में ऐसी परियोजनाओं को निशाना बनाने के लिए एक आधार बनाता है। (बंबई) उच्च न्यायालय ने वास्तव में यहां यह महसूस किया है कि कुछ गलत है। यह दिल्ली, मुंबई भर में हो रहा है…।’’

शीर्ष अदालत मुंबई के वर्ली में एक भूखंड के पुनर्विकास को चुनौती देने वाली याचिका बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा खारिज करने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।

शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज करते हुए उच्च न्यायालय के आदेश के उस हिस्से में हस्तक्षेप करने से भी इनकार कर दिया, जिसमें उसने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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