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Wednesday, 29 April, 2026
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पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं

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कोलकाता, 29 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के शुरुआती घंटों में बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं। पुलिस ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ समेत कई स्थानों से हिंसा और तोड़फोड़ की शिकायतें मिली हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आरोप लगाया कि नदिया जिले के चापड़ा में बूथ संख्या 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर ‘‘सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों’’ ने हमला किया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल व्यक्ति की पहचान मुशर्रफ मीर के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भाजपा प्रत्याशी सैकत सरकार ने कहा कि यह घटना मतदान का अभ्यास (मॉक पोल) शुरू होने के बाद हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल समर्थकों ने भाजपा एजेंट को रोका और उसके सिर पर वार किया, जिससे वह घायल हो गया।’’

इस संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि तृणमूल ने आरोपों से इनकार किया है।

घायल व्यक्ति ने बताया कि 15-16 तृणमूल समर्थक उसकी ओर दौड़े, जिनमें एक व्यक्ति के पास बंदूक थी। उसने कहा कि उस पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा।

पुलिस ने बताया कि शांतिपुर में वार्ड संख्या 16 स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय में बुधवार सुबह तोड़फोड़ की गई। वहां फर्नीचर तोड़ दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में आरोप लगे कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे अशांति फैल गई।

आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया, ‘‘एजेंटों के फॉर्म छीने जा रहे हैं और उन्हें बाहर निकाला जा रहा है… महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा। हमने एजेंट इसलिए तैनात किए ताकि सभी वोट डाल सकें।’’

निमतला के बूथ संख्या 140 पर मतदान में देरी हुई, जहां सुबह 7:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ था। इससे मतदाताओं में नाराजगी और तनाव देखा गया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त हो तथा सभी लोग मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें।’’

इस बीच, पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी और तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी, जो एक मतदान केंद्र के पास एकत्र हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि एक स्थान पर चार से अधिक लोगों के जुटने की अनुमति नहीं है।

वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा सुबह से दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में काफिले के साथ गश्त करते नजर आए। डायमंड हार्बर और फाल्टा में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।

भाषा

गोला अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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