प्रयागराज, 21 जनवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महाराजगंज में वकीलों की हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए जिले के उपनिदेशक (समेकन) को मामलों का निपटारा करने निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने चिनकई नाम के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता ने महाराजगंज के उपनिदेशक (समेकन) के समक्ष लंबित मामले का जल्द निस्तारण किए जाने का अनुरोध किया था।
सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में उपनिदेशक (समेकन) के निर्देश के मुताबिक कई तारीखें तय की गईं, लेकिन सभी तारीखों पर अधिवक्ता अनुपस्थित रहे, जिसकी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी।
अदालत ने कहा, “ऐसी स्थिति में यह अदालत मामले का निस्तारण नहीं करने के लिए संबंधित अधिकारी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”
हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि यदि अधिवक्ता अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं तो यह अदालत पक्षकारों को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने की अनुमति दे सकती है।
इसके बाद अदालत ने 15 जनवरी को दिए अपने निर्णय में उप निदेशक को पक्षकारों को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने की अनुमति देने का निर्देश दिया।
वकीलों की हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने इस मामले में पैरोकारी कर रहे अधिवक्ताओं को पेश होने से यह कहते हुए रोक दिया कि चूंकि जिला महाराजगंज की बार के सदस्य पिछले कई महीनों से अदालत में नहीं आ रहे हैं, इसलिए उन्हें उक्त मामले में पेश होने से रोका जाता है।
अदालत ने उपनिदेशक (समेकन) को इस मामले का निस्तारण 15 मार्च को या इससे पूर्व करने का निर्देश दिया।
भाषा सं राजेंद्र
नोमान जोहेब
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