जमशेदपुर, चार दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने बृहस्पतिवार को सरकारी अस्पताल में ओपीडी में भाग लेने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी पर कटाक्ष किया और पूछा कि अगर इलाज के बाद किसी मरीज की मौत हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा।
सोरेन ने यह भी दावा किया कि अंसारी एक ‘फर्जी डॉक्टर’ हैं, उनका नाम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा अधिकृत डॉक्टरों की सूची में नहीं है।
अंसारी ने बुधवार को सदर अस्पताल में आउटडोर मरीजों को देखा और घोषणा की कि वह राज्य के हर जिले के अस्पताल में जायेंगे।
सोरेन ने ‘एक्स’ पर एक हिंदी पोस्ट में कहा, ‘झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का नाम एनएमसी द्वारा अधिकृत डॉक्टरों की सूची में नहीं है, लेकिन रील बनवाने के लिए उन्होंने सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में डॉक्टर की भूमिका निभाई, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई।’
उन्होंने कहा, ‘जिस राज्य में मरीजों को संक्रमित खून चढ़ाया जाता है, जहां मीडिया में आए दिन अस्पतालों में अव्यवस्था की खबरें आती हैं, जहां हर दूसरे दिन खाट पर मरीजों की तस्वीरें वायरल होती हैं, ऐसे राज्य में अगर इस फर्जी डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा से किसी मरीज को कुछ हो जाए, तो कौन जिम्मेदार होगा?’
भाजपा विधायक ने कहा कि एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, रांची के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल, राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) की ‘कब्जा की गई’ जमीन पर एक अपार्टमेंट बिल्डिंग बन रही है।
सोरेन ने कहा, ”इतनी बड़ी बहुमंजिला इमारत का निर्माण सिस्टम की जानकारी या सहमति के बिना नहीं किया जा सकता है, है ना?”
भाषा तान्या रंजन
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