दुमका (झारखंड), 14 फरवरी (भाषा) झारखंड के दुमका में सोमवार को ‘विप्रलम्भ श्रृंगार’ पर आधारित 1907 में रचित काव्य पुस्तक ‘पावस पीयूष’ का लोकार्पण किया गया।
इसकी रचना गोड्डा के बन्दनवार गांव के निवासी पंडित रामचरण वाजपेयी ने की थी। दुमका के जिला परिषद सभागार में आयोजित पुस्तक के लोकार्पण कार्यक्रम में दिवंगत रचनाकार की छठी पीढ़ी भी उपस्थित थी।
पावस-पीयूष मूल रूप से ब्रज भाषा में लिखी गई है। यह पुस्तक हिन्दी अनुवाद सहित प्रकाशित हुई है, जिसे पंडित अनूप कुमार वाजपेयी एवं आचार्य चन्द्रशेखर यादव ने अनुवाद किया है।
पंडित अनूप कुमार वाजपेयी पंडित रामचरण वाजपेयी के प्रपौत्र हैं और इस पुस्तक के सम्पादक भी हैं।
गौरतलब है कि रामचरण वाजपेयी का जन्म 1885 ईस्वी में बन्दनवार गांव में हुआ था। वह कई भाषाओं यथा – संस्कृत, ब्रजभाषा, अवधी, हिन्दी, बंगला, अंग्रेजी, खोरठा/अंगिका के विद्वान् थे।
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शफीक धीरज
धीरज
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