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Friday, 1 May, 2026
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आईएचएचए ने पुराने बंगलों, हवेलियों, महलों और किलों की जिलेवार सूची बनाने की वकालत की

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(कुणाल दत्त)

जयपुर, 25 अप्रैल (भाषा) इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) ने सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुराने बंगलों, हवेलियों, महलों और किलों की जिलेवार सूची बनाने की वकालत की है।

एसोसिएशन के प्रमुख रणधीर विक्रम सिंह ने कहा कि राज्य धरोहरों के मूल्य को समझने और उनके रखरखाव तथा संरक्षण के लिए “विरासती पर्यटन में अग्रणी” राजस्थान से प्रेरणा ले सकते हैं।

सिंह ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “जैसा कि मैंने जी20 पर्यटन एक्सपो में अपने संबोधन में कहा था, हेरिटेज होटल केवल किले व महल और पुराने घर नहीं हैं, बल्कि उन क्षेत्रों की संस्कृति तथा वास्तविक परंपराओं से रूबरू होने का स्थान भी हैं जहां वे स्थित हैं। हमें इस असाधारण संपदा का लाभ उठाने की जरूरत है, जो भारत के लिए वरदान है।”

एक्सपो का आयोजन शनिवार को जयपुर के ऐतिहासिक रामबाग पैलेस के परिसर में किया गया, जो अब एक आलीशान विरासती होटल है।

सिंह ने कहा कि विरासत पर्यटन का व्यवसाय मॉडल बनाते समय सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में पहला कदम “देश के प्रत्येक जिले के लिए विरासत संपत्तियों और उनके आसपास के पर्यटन स्थलों की एक निर्देशिका या सूची बनाना” है।

राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र के झुंझुनू जिले में होटल कैसल मंडावा के मालिक सिंह ने कहा, “यह सभी हितधारकों और सरकारी एजेंसियों के साथ साझेदारी में किया जाना है और आईएचएचए इसमें भी अपनी भूमिका निभाएगा।”

कैसल मांडवा 1755 में बनाया गया था। 1980 में इसे एक होटल में तब्दील कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “आईएचएचए की स्थापना 1990 में राजस्थान से शुरू हुए विरासत पर्यटन आंदोलन के परिणामस्वरूप हुई थी। हमारे पास आज कुछ राज्यों को छोड़कर भारत के लगभग सभी प्रदेशों से करीब 200 सदस्य हैं।”

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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