शिमला, 25 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पेखुबेला सौर परियोजना में कंपनी को भ्रष्टाचार और अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को भाजपा से कहा कि अगर उसे किसी भ्रष्टाचार का संदेह है तो वह सीबीआई और ईडी के पास शिकायत दर्ज कराए।
भाजपा विधायक बिक्रम सिंह द्वारा इस मुद्दे पर शुरू की गई अल्पकालिक चर्चा का उत्तर देते हुए सुक्खू ने कहा कि 32 मेगावाट की यह परियोजना डूबी नहीं है, बल्कि भारी बारिश के कारण इसका संचालन रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 15 सितंबर से चालू हो जाएगी।
परियोजना की क्रियान्वयन कंपनी को लाभ पहुंचाने के आरोपों से इनकार करते हुए सुक्खू ने कहा कि कंपनी के लंबित भुगतान, जिसमें प्रदर्शन बैंक गारंटी भी शामिल है, रोक दिए गए हैं और परियोजना का संचालन हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केन्द्र सरकार के एक सार्वजनिक उपक्रम द्वारा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सिंह को पेखुबेला परियोजना के बारे में ‘‘कुछ फोबिया’’ हो गया है।
चर्चा की शुरुआत करते हुए बिक्रम सिंह ने कहा कि पेखुबेला परियोजना की परिकल्पना क्षेत्र में हरित क्रांति लाने के लिए की गई थी, लेकिन यह परियोजना ‘‘त्रुटिपूर्ण अभियांत्रिकी, घटिया डिजाइन और गलत स्थल चयन के कारण भारी बारिश के दौरान डूब गई।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना को क्रियान्वित करने वाली कंपनी को अनुचित लाभ दिया गया तथा वह समझौते की इस शर्त का उल्लंघन कर रही है कि वह आठ वर्षों तक रखरखाव और संचालन का ध्यान रखेगी।
सुक्खू ने कहा कि सीबीआई पहले से ही पेखुबेला मामले से संबंधित एचपीपीसीएल के पूर्व महाप्रबंधक और मुख्य अभियंता की मौत की जांच कर रही है तथा अगर विपक्ष के पास कोई सबूत है तो वह सीबीआई को दे सकता है।
मुख्य अभियंता विमल नेगी 10 मार्च को लापता हो गए थे और उनका शव 18 मार्च को बिलासपुर जिले में रहस्यमय परिस्थितियों में मिला था। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि उनके पति को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जाता था और उन्हें जानबूझकर देर रात तक, यहां तक कि बीमारी के दौरान भी, काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
भाषा नेत्रपाल माधव
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