श्रीनगर, 27 फरवरी (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि कश्मीरी मुसलमान एक कश्मीरी पंडित की हत्या पर शर्मसार हैं। मुफ्ती ने इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल होने के दावे को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
एटीएम गार्ड के रूप में काम करने वाले संजय शर्मा (40) को रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे पुलवामा जिले के अचन इलाके में उनके आवास से बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। शर्मा को राहगीरों की मदद से अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
मुफ्ती ने पुलवामा में शर्मा के आवास का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सवाल किया, ‘‘सरकार आतंकवाद समाप्त करने का दावा करती है। अगर ऐसा है तो उन्हें (शर्मा को) किसने मारा? सरकार क्या कर रही है?’’
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने कहा कि शर्मा की हत्या पर कश्मीरी मुसलमान शर्मसार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम वही लोग हैं जिन्होंने 1947 में घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों, हिंदुओं और सिखों की रक्षा के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया था, जब उपमहाद्वीप सांप्रदायिक दंगों से जूझ रहा था।’’
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि कश्मीरी मुसलमान आज बेबस हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज, कश्मीरी मुसलमान फंस गए हैं। एक तरफ सरकार की ज्यादतियां हैं और आतंकवाद को खत्म करने के नाम पर हजारों युवाओं को जेलों में डाल दिया गया है। दूसरी तरफ, घरों को सील कर दिया गया है, एनआईए और ईडी की छापेमारी हो रही है।’’
मुफ्ती ने कहा कि शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को उनकी पत्नी को नौकरी देनी चाहिए।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रमुख रवींद्र रैना भी शोक व्यक्त करने के लिए शोकसंतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। रैना ने कहा, ‘‘शर्मा के हत्यारों ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यह एक जघन्य अपराध है, एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या। यह अन्याय की पराकाष्ठा है।’’
रैना ने कहा, ‘‘इस पुलवामा गांव में लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से रह रहे एक गरीब को मार दिया गया। कश्मीर की जमीन फिर से लाल हो गई है।’’
भाषा अमित नेत्रपाल
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