बेंगलुरु, 12 जनवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर जारी ‘सत्ता गतिरोध’ के बीच सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को आवश्यकता पड़ने पर बातचीत के लिए नयी दिल्ली बुलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को दिल्ली में बातचीत के लिए कब बुलाया जाएगा, इस सवाल के जवाब में खरगे ने कहा, “जब भी जरूरत होगी, पार्टी उन्हें बुलाएगी।”
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के 20 नवंबर को ढाई वर्ष पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री पद पर संभावित बदलाव की अटकलों के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर संघर्ष तेज हो गया है।
वर्ष 2023 में सरकार गठन के समय सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच कथित ‘सत्ता-साझाकरण समझौते ने अटकलों को और तेज कर दिया है।
सिद्धरमैया हाल में देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़कर राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले व्यक्ति बन गए हैं।
उन्होंने विश्वास जताया है कि वह पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान का है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने रविवार को कहा कि उनकी कड़ी मेहनत ने उन्हें राजनीति में इस मुकाम तक पहुंचाया है और उन्हें अपने बारे में भविष्य में कांग्रेस पार्टी द्वारा लिये जाने वाले फैसलों पर पूरा भरोसा है।
शिवकुमार के इस बयान को मुख्यमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षा की पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार ने दिन में पहले खरगे के आवास पर उनसे मुलाकात की। बताया जाता है कि शिवकुमार ने राज्य सरकार के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कलबुरगी जाने से पहले खरगे के साथ एक ही कार में यात्रा की।
खरगे ने पिछले महीने कहा था कि पार्टी की कर्नाटक इकाई में नेतृत्व के मुद्दे पर भ्रम केवल स्थानीय स्तर पर है, न कि पार्टी आलकमान के भीतर।
उन्होंने स्थानीय नेताओं से यह भी आग्रह किया था कि वे ‘आलाकमान को दोष देने के बजाय आंतरिक विवादों की जिम्मेदारी लें।’’
भाषा राजकुमार नरेश
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