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Monday, 20 April, 2026
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामला: ईडी ने हरियाणा और चंडीगढ़ में 19 स्थानों पर छापे मारे

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नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के खातों से 590 करोड़ रुपये के कथित तौर पर गबन के सिलसिले में 19 स्थानों पर छापे मारे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने हरियाणा और चंडीगढ़ में उन विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं पर छापेमारी की, जिन्होंने आरोपियों को धन के लेन-देन और अपराध की आय को छिपाने के लिए फर्जी प्रविष्टियां प्राप्त करने में मदद की थी।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा बैंक में धनराशि जमा की जानी थी लेकिन सावधि जमा (एफडी) में जमा करने के बजाय आरोपियों ने इसे अपने निजी उपयोग के लिए कथित तौर पर निकाल लिया।

ईडी ने जांच के दौरान मुख्य आरोपियों, बैंक के पूर्व अधिकारियों, कथित घोटाले के कुछ लाभार्थियों और रियल एस्टेट एजेंटों की गुप्त रूप से मदद करने वाले विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की।

इन जगहों पर अपराध की आय को खर्च किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि बड़ी संख्या में धनराशि विभिन्न फर्जी कंपनियों व आभूषण की छोटी कंपनियों के खातों में अंतरित की गई थी और अंत में इसे सोने की खरीद और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के बहाने निकाल लिया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, बड़ी संख्या में रुपये निकाले गये थे।

इस मामले में चंडीगढ़ स्थित होटल व्यवसायी विक्रम वाधवा का नाम भी सामने आया है, जो ‘ट्राईसिटी’ में रियल एस्टेट परियोजनाओं के निर्माण में शामिल थे और कथित घोटाले की खबर सामने आने के बाद से फरार हैं।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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