कोलकाता, नौ जनवरी (भाषा) राजनीतिक परामर्शदाता कंपनी आई-पैक ने शुक्रवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसके परिसरों पर की गई छापेमारी ने एक ‘चिंताजनक मिसाल’ पेश की है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए इस घटनाक्रम ने राज्य में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए काम कर रही इस कंपनी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि वह ‘निडर और अविचलित’ होकर अपना काम जारी रखेगी।
आई-पैक ने एक बयान में कहा, ‘एक पेशेवर संगठन के लिए कल का दिन कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण था…। हमें लगता है कि यह गंभीर चिंता पैदा करता है, फिर भी हमने पूरा सहयोग किया है और कानून के सम्मान में आगे भी सहयोग जारी रखेंगे।’
कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसने भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिवसेना सहित विभिन्न विचारधारा वाले दलों के साथ पेशेवर सलाहकार के रूप में काम किया है।
बयान में कहा गया, ‘हम चुनाव नहीं लड़ते और न ही राजनीतिक पद धारण करते हैं। हमारी भूमिका पारदर्शी और पेशेवर राजनीतिक परामर्श तक सीमित है।’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास और फिर साल्ट लेक स्थित कार्यालय पहुंच गयी थीं, जहां ईडी कोयला चोरी मामले के सिलसिले में तलाशी ले रही थी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस पार्टी का चुनाव से संबंधित संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करते हुए आरोप लगाया कि राज्य पुलिस की मदद से मुख्यमंत्री ने एजेंसी के कब्जे से ‘महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेज’ जब्त कर लिए।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर एजेंसी द्वारा जब्त दस्तावेजों के ‘दुरुपयोग और प्रसार’ पर रोक लगाने की मांग की।
भाषा सुमित अविनाश
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