तिरुवनंतपुरम, 28 अगस्त (भाषा) केरल में बृहस्पतिवार को भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए, बांधों का जलस्तर बढ़ गया और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन के लिए छह जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी ने राज्य के एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।
वहीं पांच जिलों, पथनमथिट्टा, इडुक्की, पलक्कड़ और मलप्पुरम में भी आज के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज’ अलर्ट का मतलब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश तथा ‘येलो’ अलर्ट का मतलब छह सेंटीमीटर से 11 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश है।
वायनाड में भारी बारिश के कारण थमारास्सेरी दर्रे पर भारी भूस्खलन हुआ, जिससे वहां यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि बाद में जनता और विभिन्न प्राधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से इसे आपातकालीन यातायात के लिए खोल दिया गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि अधिकारियों ने भूस्खलन स्थल का निरीक्षण किया, जहां 30 मीटर की ऊंचाई से बड़े-बड़े चट्टान, मिट्टी और पेड़ गिरे थे।
जिले के अधिकारियों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में और अधिक भूस्खलन की संभावना है।
भविष्य में बड़े भूस्खलन की संभावना को रोकने के उपाय तलाशने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति इस क्षेत्र का दौरा करेगी।
पथनमथिट्टा, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़ और वायनाड जिलों में विभिन्न बांधों में जल स्तर चेतावनी के तीसरे चरण पर पहुंच गया है।
आईएमडी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
तेज हवाओं और खराब मौसम की संभावना के कारण बृहस्पतिवार और शुक्रवार को केरल-लक्षद्वीप तटों पर तथा एक सितंबर तक कर्नाटक तट पर मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।
भाषा यासिर सुरेश
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