Saturday, 21 May, 2022
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हरिद्वार की धर्म संसद में नफरत भरे भाषण- मुस्लिम से हिंदू बने जितेंद्र नारायण त्यागी समेत बाकियों पर FIR

त्यागी एवं अन्य वक्ताओं पर आरोप है कि पिछले हफ्ते आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अत्यंत भड़काऊ भाषण दिए और इसके कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाले गए हैं. हिंदू बनने से पहले त्यागी का नाम वसीम रिजवी था.

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देहरादून: हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए कथित तौर पर नफरत भरे भाषण देने के सिलसिले में जितेंद्र नारायण त्यागी एवं अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस ने दी.

इस महीने की शुरुआत में धर्म परिवर्तन करने के बाद हिंदू बने त्यागी एवं अन्य वक्ताओं पर आरोप है कि पिछले हफ्ते आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अत्यंत भड़काऊ भाषण दिए और इसके कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाले गए हैं. हिंदू बनने से पहले त्यागी का नाम वसीम रिजवी था.

हरिद्वार कोतवाली थाने के एसएचओ रकिंदर सिंह ने कहा कि भादंसं की धारा 153ए (धर्म, जाति, जन्मस्थान, आवास, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई. उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है.

हरिद्वार के ज्वालापुर इलाके के एक निवासी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिप साझा किए जाने के बारे में पूछने पर अधिकारी ने कहा कि पुलिस के पास अभी तक घटना की कोई फुटेज नहीं है.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक वरिष्ठ नेता ने बृहस्पतिवार को कार्यक्रम के आयोजकों एवं वक्ताओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की थी. पिछले हफ्ते हरिद्वार के वेद निकेतन धाम में तीन दिनों के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ था.

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टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने ज्वालापुर थाने में इस सिलसिले में शिकायत दर्ज कराई और एसएचओ से कहा कि मामले में 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज की जाए.

गोखले ने शिकायत की प्रति ट्विटर पर साझा की और धर्म संसद के आयोजकों तथा कार्यक्रम में मुसलमानों एवं अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने वालों को 27 दिसंबर तक गिरफ्तार करने की समय सीमा दी थी.

एसएचओ को दी गई शिकायत में गोखले ने कहा कि इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ अगर 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है, तो न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दी जाएगी.

कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने कथित तौर पर भड़काऊ एवं उत्तेजक भाषण दिए और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्या करने का आह्वान किया. साथ ही उन्होंने लोगों से हथियार उठाने और एक पूर्व प्रधानमंत्री को गोली मारने की भी अपील की.

धर्म संसद का कथित तौर पर आयोजन जूना अखाड़ा के यति नरसिंहानंद गिरि ने की थी, जिन पर विगत में भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत भरे भाषण देने और हिंसा भड़काने के आरोप हैं.

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