हिसार, 10 अप्रैल (भाषा) साल 2014 के हिंसा के एक मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद विवादित उपदेशक रामपाल शुक्रवार को हरियाणा के हिसार जिले की जेल से 11 वर्ष से अधिक समय बाद बाहर आया।
रामपाल के परिवार के सदस्य और वकील उसे लेने के लिए जेल परिसर में मौजूद थे।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जेल परिसर के बाहर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। रामपाल के कई अनुयायी उसकी एक झलक पाने के लिए वहां एकत्र हो गए थे।
उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल को रामपाल को जमानत दे दी थी।
रामपाल ने हिसार की एक अदालत की ओर से 25 सितंबर 2025 को पारित किए गए विवादित आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसके तहत उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 2014 में रामपाल ने 900 से अधिक समर्थकों के साथ मिलकर हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बड़ी संख्या में रामपाल के समर्थक इकट्ठा हुए थे, जिनमें से कुछ हथियारबंद थे और रामपाल ने कथित तौर पर महिलाओं और बच्चों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था, जिसके परिणामस्वरूप हिंसा भड़क उठी थी।
भाषा
राखी पारुल
पारुल
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