चंडीगढ़, 17 मार्च (भाषा) मत की गोपनीयता के उल्लंघन के आरोपों को लेकर सामने आए घटनाक्रम के बीच बहुचर्चित राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय भाटिया और कांग्रेस पार्टी के करमवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा की दो सीट पर निर्वाचित घोषित कर दिया गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात संवाददाता सम्मेलन में दोनों नेताओं को उनकी जीत पर बधाई दी।
अधिकारियों ने बताया कि पांच वोट अमान्य घोषित किए गए जिनमें चार कांग्रेस के और एक भाजपा का है।
इन दो सीट के लिए तीन उम्मीदवार – भाजपा के भाटिया (58), कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध (61) और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) चुनाव मैदान में थे। भाजपा समर्थित नांदल ने 2019 में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
मुख्यमंत्री सैनी ने निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा प्राप्त कुल वोट का हवाला देते हुए कहा कि नांदल कांग्रेस उम्मीदवार से मामूली अंतर से हार गए।
सैनी ने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित कर दिए गए।
कांग्रेस की हरियाणा इकाई के प्रभारी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले और ‘‘कांग्रेस के साथ विश्वासघात’’ करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्रॉस-वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायकों के बारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन लोगों को समझ आ गया है और जनता उन्हें सबक सिखाएगी।’’
हुड्डा ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने हर तरह की चाल चली। लेकिन कांग्रेस ने ‘अग्नि परीक्षा’ (एक सीट जीतकर) पास की।’’
भाषा सुरभि शोभना
शोभना
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