फरीदाबाद, 14 अप्रैल (भाषा) हरियाणा में फरीदाबाद के सराय ख्वाजा इलाके में वाहन के कलपुर्जे बनाने वाले एक कारखाने के श्रमिकों ने राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी वृद्धि को लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, मदरसन सुमी फैक्टरी के बाहर सड़क को अवरुद्ध करने की कोशिश करने पर 23 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और एक प्राथमिकी दर्ज की गई।
कंपनी के सुबह की शिफ्ट के लगभग 1,000 कर्मचारी आठ बजे के आसपास कंपनी के बाहर जमा हो गए और दिल्ली-आगरा राजमार्ग के सर्विस रोड को अवरुद्ध कर दिया।
कारखाने के कर्मचारियों ने सोमवार को पलवल के पृथला गांव और सराय ख्वाजा से गुजरने वाले दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे घंटों तक यातायात ठप्प रहा।
एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि उनसे दिन में 16 घंटे काम करवाया जा रहा है और उन्हें महीने में सिर्फ 11,000 रुपये मिलते हैं।
प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया, ‘‘महंगाई के इस दौर में इतनी कम तनख्वाह पर गुज़ारा करना मुश्किल होता जा रहा है। जब हम प्रदर्शन कर रहे थे, तो पुलिस ने लाठीचार्ज करके हमें भगा दिया।’
अधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच ‘संचार की कमी’ और अफवाहों के कारण विरोध प्रदर्शन हुए।
उन्होंने सभी उद्योगों को निर्देश दिया कि वे श्रमिकों को सूचित करें कि सरकारी अधिसूचना के तहत वेतन वृद्धि एक अप्रैल से प्रभावी होगी।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का निर्णय आठ अप्रैल को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा था कि यह निर्णय एक अप्रैल से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगा।
भाषा तान्या सुरेश
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