गुरुग्राम, 12 जून (भाषा) हरियाणा के गुरुग्राम में कथित ‘हनीट्रैप’ गिरोह में पुलिस की एक महिला सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) की भूमिका की जांच के लिए सोमवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
पुलिस ने बताया कि पटौदी के सहायक पुलिस आयुक्त हरेंद्र सिंह एसआईटी का नेतृत्व करेंगे।
पुलिस के मुताबिक, एएसआई मुनेश देवी फर्रुखनगर थाने में तैनात थीं लेकिन बलात्कार के दो संदिग्ध मामलों में उनकी कथित भूमिका को देखते हुए उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। ये मामले एक आईटी कंपनी की एक महिला कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज किए गए थे।
पुलिस ने कहा कि दोनों मामलों में शिकायतकर्ता महिला और उसके सहयोगी को कथित तौर पर लोगों को ‘हनीट्रैप’ में फंसाने और उनसे पैसे ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
उसने बताया कि एक पीड़ित की ओर से दो मामलों में एएसआई की भूमिका पर सवाल उठाए जाने के बाद वह जांच के घेरे में आ गई।
इससे पहले पुलिस ने ‘हनीट्रैप’ गिरोह की सरगना बिनीता कुमारी को उसके सहयोगी महेश फोगाट के साथ गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, बिनीता ‘टिंडर’ और ‘बम्बल’ जैसे ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए कथित तौर पर लोगों को फंसाती और उन्हें एक होटल में मिलने के लिए बुलाकर बलात्कार और छेड़छाड़ के आरोप लगाती थी। पुलिस ने कहा कि इसके बाद वह उनसे पैसों की मांग करती और नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी देती थी।
भाषा नोमान अविनाश
अविनाश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
