नई दिल्ली: फर्जी आध्यात्मिकता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गलत इस्तेमाल का एक शर्मनाक मामला बुधवार को सामने आया. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के 27 साल के एक व्यक्ति को एक महिला का पीछा करने और उसकी मॉर्फ की हुई अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
अहमदाबाद पुलिस ने इस मामले में खुद को योग गुरु बताने वाले सुमित नेमचंद शर्मा को पकड़ा. जांच में पता चला कि उसने शिकायत करने वाली 21 साल की महिला की 100 से ज्यादा अश्लील मॉर्फ की हुई तस्वीरें बनाई थीं. इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह था कि महिला ने मदद के लिए उसी व्यक्ति से संपर्क किया था जिसने उसके साथ यह सब किया.
महिला ने दो महीने पहले पुलिस से संपर्क किया था. लेकिन उसकी परेशानी पिछले साल दिसंबर में शुरू हुई, जब उसने सोशल मीडिया पर अपने नाम से कई फर्जी अकाउंट देखे जिनमें उसकी AI से मॉर्फ की हुई अश्लील तस्वीरें डाली गई थीं. डरकर उसने इंस्टाग्राम पर अपने दोस्त आरोपी सुमित भारद्वाज से मदद मांगी.
यह दोस्त भरोसेमंद लग रहा था. सुमित, जो खुद को “भक्ति के रास्ते पर चलने वाला कहानीकार” बताता है, यूट्यूब पर योग और धार्मिक प्रवचन के वीडियो डालता है. उसने ऐसे 165 वीडियो इंस्टाग्राम समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अपलोड किए हैं.
उसके यूट्यूब बायो में लिखा है. “मेरा नाम सुमित भारद्वाज है और मैं लोगों को प्राकृतिक तरीके से शरीर को स्वस्थ रखना सिखाना चाहता हूं और ब्रह्मचर्य के जरिए उन्हें भक्ति के रास्ते पर आगे बढ़ाना चाहता हूं ताकि लोग ईमानदारी से जीवन जी सकें और जीवन का अंतिम उद्देश्य जान सकें. हरे कृष्णा.”
सुमित के धार्मिक पोस्ट पर उसके फॉलोअर्स लगातार बात करते थे. इंस्टाग्राम पर उसके 369 फॉलोअर्स और यूट्यूब पर 419 सब्सक्राइबर हैं. अहमदाबाद की यह महिला भी उन्हीं में से एक थी.
सुमित मददगार बनकर सामने आया. वह महिला को चुप रहने की सलाह देता था और कहता था कि वह दोषी अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की कोशिश कर रहा है. लेकिन अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि वही उसका पीछा कर रहा था और यह सब इसलिए हुआ क्योंकि महिला ने उसकी दोस्ती का प्रस्ताव ठुकरा दिया था.
जांच में क्या मिला
पुलिस को दो महीने पहले शिकायत मिली थी. 21 साल की महिला ने बताया कि दिसंबर 2025 से 6 अप्रैल तक एक आदमी इंटरनेट पर उसका पीछा कर रहा था और उसके नाम से तीन फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बना चुका था. इन फर्जी अकाउंट्स पर उसकी तस्वीर प्रोफाइल फोटो के तौर पर इस्तेमाल की गई थी. उसके नाम से एक यूट्यूब चैनल भी बनाया गया था जहां ये तस्वीरें डाली गई थीं.
महिला ने कहा कि “AI से मॉर्फ की गई उसकी नग्न तस्वीरें और वीडियो, जिन पर अश्लील बातें लिखी थीं, ऑनलाइन शेयर किए जा रहे थे. इससे उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया और समाज में बदनाम किया गया.” अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की साइबर क्राइम यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(2), 356(2) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोपी को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई.
इसके बाद साइबर क्राइम अधिकारियों ने फर्जी आईडी की जांच शुरू की. X, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जानकारी जुटाई गई कि इन अकाउंट्स को बनाने के लिए कौन से फोन नंबर और ईमेल आईडी इस्तेमाल किए गए थे.
इसमें समय लगा, लेकिन अहमदाबाद पुलिस उत्तर-पूर्वी दिल्ली तक पहुंच गई और उस्मानपुर इलाके के रहने वाले सुमित नेमचंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के अनुसार महिला इस्कॉन के हरे कृष्णा संप्रदाय से जुड़ी हुई है. आरोपी ने इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया था और दोनों धर्म से जुड़े विषयों पर बात करते थे. दोनों करीब दो-तीन साल पहले मिले थे और बीच-बीच में मैसेज पर बात होती रहती थी.
सूत्रों ने बताया. “कई साल बात करने के बाद उसने महिला से दोस्ती करने की कोशिश की. जब महिला ने मना कर दिया तो उसने सोशल मीडिया पर उसका पीछा करना शुरू कर दिया और उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बना दी. उसने उसकी प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल किया और उसके नाम से यूट्यूब चैनल भी बना दिया.”
अपराध करने के लिए शर्मा ने महिला और उसकी मां की तस्वीरें सोशल मीडिया से डाउनलोड कीं. फिर AI का इस्तेमाल करके उन्हें नग्न तस्वीरों में बदल दिया और फर्जी अकाउंट्स पर अश्लील शब्दों के साथ अपलोड कर दिया.
जांच कर रहे एक अधिकारी ने कहा. “महिला बार-बार ये नग्न तस्वीरें और प्रोफाइल देख रही थी इसलिए उसने सुमित पर भरोसा करके उससे बात की. सुमित उसे कहता था कि किसी से कुछ मत कहो और धार्मिक प्रवचन भी दो. वह कहता था कि वह इन अकाउंट्स की रिपोर्ट करेगा ताकि कोई उसे परेशान न करे. वह सिर्फ उसे बहला रहा था और उसकी सहानुभूति पाने की कोशिश कर रहा था.”
जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता के नाम से X, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 10 तक फर्जी अकाउंट शर्मा के मोबाइल फोन से बनाए गए थे. जांच में यह भी सामने आया कि उसने अलग-अलग वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके महिला की 100 से ज्यादा AI मॉर्फ की हुई तस्वीरें बनाई थीं.
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