बंटी त्यागी
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार की नव विकसित राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एक लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था करने की योजना है। इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने ऐसे समारोह के वास्ते पांच साल के लिए कुर्सियां (ब्लीचर) किराये पर लेने के लिए 112 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है।
सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ‘स्टेप्ड सीटिंग’ व्यवस्था से आगंतुक परेड को अच्छे से देख पाएंगे और अच्छी दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए सीट की प्रत्येक पंक्ति में पर्याप्त स्तर का अंतर होगा।
बैठने की इस तरह की व्यवस्था स्टेडियम और अन्य कार्यक्रमों में देखी जाती है।
राष्ट्रीय राजधानी में कोविड की स्थिति नियंत्रित होने के बाद, सीपीडब्ल्यूडी ऐसी व्यवस्था कर रहा है जो महामारी के पहले के दौर में होती थी।
सीपीडब्ल्यूडी के निविदा दस्तावेज के मुताबिक, गणतंत्र दिवस के दौरान हर साल राजपथ के दोनों ओर मैदान में लोहे की बेंच लगाई जाती है।
उसमें कहा गया है कि यह बहुत पुरानी व्यवस्था है और 1996 से या इसके बाद से इस्तेमाल होती आ रही है। इस तरह की बेंच लगाने से मैदान की घास को नुकसान पहुंचता है और इसे लगाने और हटाने में एक-दो महीने लगते हैं।
दस्तावेज के मुताबिक, इससे पार पाने के लिए पिछले साल 2022 के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए 33,200 कुर्सियां (ब्लीचर) खरीदी गई थीं।
एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, “ इस साल हम एक लाख आगंतुकों के लिए बैठने की व्यवस्था कर रहे हैं और इसलिए हमने 31000 ब्लीचर किराये पर लेने के लिए 112 करोड़ रुपये की निविदा निकाली है।’’
दस्तावेज में कहा गया है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए लगाई गई ब्लीचर/कुर्सियों को फौरन बीटिंग रीट्रिट समारोह के लिए स्थानांतरित किया जाएगा।
उसमें कहा गया है कि ठेकेदार अनधिकृत लोगों को दूर रखने के लिए जरूरी व्यवस्था करेगा ताकि वे वीडियो या फोटो न ले सके।
सीपीडब्ल्यूडी के मुताबिक, ठेकेदार ब्लीचर/कुर्सियों को निजी कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल कर सकता है जिसके लिए उसे विभाग को अधिकतम सात दिनों के लिए 2500 रुपये प्रति सीट के हिसाब से भुगतान करना होगा।
अगले साल गणतंत्र दिवस समारोह नव विकसित राजपथ में होगा।
भाषा नोमान रंजन
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