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Friday, 16 January, 2026
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गोवा नाइट क्लब हादसा: शवों की पहचान के लिए शवगृह के बाहर उमड़ी परिजन की भीड़

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(तस्वीरों के साथ)

पणजी, सात दिसंबर (भाषा) गोवा के ‘नाइट क्लब’ में आग लगने की घटना के पीड़ितों के रिश्तेदार और परिचित एक सरकारी अस्पताल के शवगृह के बाहर एकत्र होकर अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी मिलने का रविवार को बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

झारखंड के कुछ लोगों ने कहा कि वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे और उन्होंने मांग की कि नाइट क्लब मालिक शवों को घर वापस भेजे जाने की व्यवस्था करें।

उन्होंने बताया कि उनके मूल निवास के चार लोग उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित उस नाइट क्लब में सहायक और रसोइये के रूप में काम करते थे, जहां शनिवार आधी रात के बाद लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान चली गई और छह अन्य घायल हो गए।

झारखंड के मजदूरों का एक समूह अपने परिजनों के बारे में जानकारी लेने के लिए सुबह से ही पणजी के पास गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के शवगृह के बाहर बैठा है।

गोवा पुलिस के कर्मी ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुई इस घटना के बाद शवगृह में रखे शवों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से कुछ शव जले हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि 25 मृतकों में चार पर्यटक और 14 कर्मचारी शामिल हैं। शेष सात की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

अरपोरा स्थित एक प्रतिष्ठान में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले झारखंड के नंदलाल नाग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उनके गांव के चार लोगों के इस घटना में मारे जाने की आशंका है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा गांव झारखंड में है और वहां के चार लोग पीड़ितों में शामिल हैं, उनमें से एक मेरे भाई का बेटा भी है। वे सभी नाइट क्लब में सहायक और रसोइये के रूप में काम करते थे।’’

नाग ने बताया कि वे लोग पांच साल पहले झारखंड से गोवा आए थे और वे तब से इस तटीय राज्य के विभिन्न होटल और नाइट क्लब में काम कर रहे थे।

नाग ने कहा कि वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे।

नाग ने कहा, ‘‘हम शवों का क्या करेंगे? होटल के मालिक को उन्हें झारखंड में हमारे गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।’’

असम के पांच लोगों का एक और समूह भी शवगृह के बाहर बैठा देखा गया। उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया, लेकिन उनमें से एक ने दावा किया कि घटना में मारे गए लोगों में उनके दोस्त शामिल हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी शवों की पहचान करने और पोस्टमॉर्टम करने में एक दिन लगेगा, उसके बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

जीएमसीएच के फॉरेंसिक विभाग के सूत्रों ने बताया कि पुलिस द्वारा पंचनामे की औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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