पणजी, 20 जून (भाषा) गोवा में कलंगुट पंचायत ने पथराव के बाद सड़क किनारे लगी शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने का आदेश वापस ले लिया है। इस आदेश के विरोध में भीड़ ने मंगलावार को पंचायत कार्यालय पर पथराव कर दिया था।
पथराव के मद्देनजर उत्तरी गोवा जिला प्रशासन ने दोपहर में कहा कि तत्काल प्रभाव से पंचायत के आदेश को वापस ले लिया गया है।
इसके पहले सुबह कम से कम 100 लोगों की भीड़ ने हाथ में केसरिया ध्वज लेकर पंचायत कार्यालय की ओर मार्च किया और मांग की कि पंचायत इस आदेश को वापस ले।
आदेश वापस लेने की घोषणा कर दी गई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को शांत करने में कामयाबी नहीं मिली है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक कि कलंगुट पंचायत के सरपंच जोसेफ सिक्वेरा आदेश जारी करने के लिए माफी नहीं मांगते।
उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक निधिन वाल्सन ने कहा कि पुलिस तनाव कम करने की कोशिश कर रही है। सिक्वेरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम माफी नहीं मांगेंगे क्योंकि यह आदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत मुझे मिले अधिकारों के दायरे में है।’’
यह आदेश सोमवार को जारी किया गया था जिसमें एक स्थानीय संस्था को सड़क किनारे लगी प्रतिमा को हटाने के लिए कहा गया था ताकि वहां एक बिजली का खंभा लगाया जा सके।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम यहां कलंगुट पंचायत के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए आए हैं। धार्मिक आस्था से परे शिवाजी महाराज सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं।’’
भाषा
संतोष प्रशांत
प्रशांत
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