नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) ने कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास स्थित हनुमान मंदिर क्षेत्र से भिखारियों को हटाकर रैन बसेरों में स्थानांतरित करने की योजना तैयार करने के लिए शनिवार को एक बैठक की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर कश्मीरी गेट बस अड्डे के निकट हनुमान मंदिर इलाके से भिखारियों को हटाकर डीयूएसआईबी के रैन बसेरों में भेजने का आदेश दिया था।
भिखारियों को स्थानांतरित करने संबंधी अभियान पर चर्चा करने के लिए हुई बैठक में समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ दिल्ली पुलिस भी शामिल हुई।
डीयूएसआईबी के सदस्य बिपिन राय ने कहा कि सरकारी आश्रय गृहों में दी जाने वाली सुविधाएं भिखारियों को स्थानांतरित होने के बाद भी प्रदान की जाएंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले, हम भिखारियों का पता लगाएंगे और यह समझने के लिए सर्वेक्षण करेंगे कि उनमें से कितने कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास रहते हैं। हम भिखारियों के परिवार के सदस्यों की संख्या का भी पता लगाएंगे और उसी के अनुसार योजना पर आगे बढ़ेंगे।’’
डीयूएसआईबी के मुख्य अभियंता के तहत चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय करके इन भिखारियों को द्वारका व अन्य स्थानों पर स्थित रैन बसेरों में स्थानांतरित करने के लिए मंगलवार तक एक कार्य योजना तैयार करेगी।
भारत ने एक दिसंबर को जी20 की अध्यक्षता ग्रहण की थी। भारत की मेजबानी में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है। इसके सदस्य वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भाषा
शफीक माधव
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