रायपुर, 24 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी उर्फ टिप्पिरी तिरुपति और तेलंगाना में तीन अन्य नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण देश में वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने की कोशिशों में एक अहम पल है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि चार माओवादी नेता देवजी (62), केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम (76), तेलंगाना स्टेट कमेटी सचिव बड़े चोक्का उर्फ दामोदर, और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य गंगन्ना भाकपा (माओवादी) के शीर्ष स्तर के नक्सली थे, जिन्होंने कई दशक तक भूमिगत रहकर बिताए थे।
उन्होंने कहा कि हिंसा और हथियारबंद लड़ाई छोड़ने का उनका फैसला जमीनी हकीकत में एक बड़ा बदलाव दिखाता है। यह दिखाता है कि हिंसा के लिए जगह कम हो रही है, जबकि शांति और विकास की गुंजाइश बढ़ रही है।
सुंदरराज ने कहा कि बस्तर इलाके में – जिसकी सीमा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से लगती है – सुरक्षाबलों के लगातार अभियान, बेहतर शासन और स्थानीय समुदायों के बीच बढ़ती उम्मीदों ने लगातार बदलाव के लिए अच्छा माहौल बनाया है।
उन्होंने कहा, ”जब इतने वरिष्ठ माओवादी नेता तीन से चार दशक तक भूमिगत रहने के बाद पीछे हटते हैं, तो यह दिखाता है कि कट्टरपंथ का रास्ता अपनी हद तक पहुंच गया है।”
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि बस्तर एक ऐसा इलाका है, जिसने वर्षों तक हिंसा और गड़बड़ी झेली है, अब हमेशा रहने वाली स्थिरता की ओर अपनी यात्रा को तेज करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि माओवादी नेतृत्व का धीरे-धीरे कमज़ोर होना संगठन के खत्म होने और दशकों से चले आ रहे खून-खराबे के खत्म होने की ओर इशारा करता है।
पुलिस अधिकारी ने बाकी बचे कैडर से बदलते हालात को पहचानने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुनर्वास और इज्ज़त के साथ फिर से जुड़ने का रास्ता खुला है, भले ही सुरक्षाबल शांति बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए मजबूती से डटे हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 532 माओवादियों को मार गिराया गया है, 2,704 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और 2,004 को गिरफ्तार किया गया है।
राज्य में सबसे सफल अभियानो में पिछले साल प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) के महासचिव और शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) के साथ-साथ सेंट्रल कमेटी के पांच सदस्यों – रामचंद्र रेड्डी उर्फ जयराम उर्फ चलपति, गौतम उर्फ सुधाकर, मोडेम बालकृष्ण, राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कदारी सत्यनारायण रेड्डी मारे गए।
अधिकारियों के मुताबिक कुछ और नक्सली नेता पड़ोसी राज्यों में मारे गए या आत्मसमर्पण कर दिया।
भाषा
संजीव रवि कांत
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