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Sunday, 22 March, 2026
होमदेशफॉरवर्ड सीमेन यूनियन का PM मोदी को पत्र: पश्चिम एशिया संघर्ष में फंसे 23,000 भारतीयों पर चिंता जताई

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन का PM मोदी को पत्र: पश्चिम एशिया संघर्ष में फंसे 23,000 भारतीयों पर चिंता जताई

नंदा देवी जहाज़ के मुख्य अधिकारी ने बताया था कि यह पहल बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय और भारतीय जहाज़रानी निगम द्वारा की गई थी, जिसमें भारतीय और ईरानी नौसेनाओं ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करने में ज़रूरी मदद दी.

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मुंबई: फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ़ इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पश्चिम एशिया के संघर्ष-ग्रस्त जलक्षेत्र में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है और उन्हें बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

यूनियन के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में कई जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा, “संघर्ष वाले इलाके में हमारे कुल 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, और कुछ ईरानी तथा विदेशी जहाज भी हैं जिन पर भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं. संघर्ष क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं, जिनमें से अब तक केवल कुछ को ही बचाया जा सका है. बाकी अभी भी वहीं फंसे हुए हैं.”

उन्होंने बताया कि यूनियन ने कुछ नाविकों से संपर्क स्थापित किया है, जिन्होंने तत्काल बचाव की गुहार लगाई है.

उन्होंने कहा, “फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ़ इंडिया ने कुछ भारतीय नाविकों से संपर्क किया है, जो तत्काल बचाव की मांग कर रहे हैं. हमने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को दो पत्र लिखे हैं. हालांकि कुछ नाविकों को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया जा चुका है, लेकिन अभी भी कई और नाविक ईरानी और इजरायली जलक्षेत्र में जहाजों पर फंसे हुए हैं.”

यादव ने जहाजों पर सवार लोगों की स्थिति पर भी चिंता जताई और बताया कि उनके पास सीमित मात्रा में ही सामान बचा है. उन्होंने कहा, “जहाजों पर केवल एक महीने का ही खाने का सामान बचा है, जो अब बहुत कम होता जा रहा है. ईरानी जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों को यह भी ठीक से पता नहीं चल पा रहा है कि उन पर हमले ईरान की तरफ से हो रहे हैं या इजरायल की तरफ से.”

यह घटनाक्रम भारतीय LPG कैरियर ‘नंदा देवी’ के गुजरात के जामनगर स्थित वडीनार बंदरगाह पर पहुंचने के कुछ दिनों बाद सामने आया है. यह जहाज 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आया था, जिसे लंगरगाह पर ‘शिप-टू-शिप’ (एक जहाज से दूसरे जहाज में) ट्रांसफर किया जाना था.

मदर वेसल (मुख्य जहाज) MT नंदा देवी से डॉटर वेसल (सहायक जहाज) MT BW बर्च में LPG के ‘शिप-टू-शिप’ ट्रांसफर का काम मंगलवार को शुरू हुआ. दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जहाज पर गए और उन्होंने नंदा देवी के कैप्टन तथा क्रू सदस्यों से बातचीत की. यह दूसरा ऐसा LPG कैरियर है जो ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ से सफलतापूर्वक गुजरने के बाद भारत पहुंचा है.

सोमवार शाम को, भारतीय जहाज़ LPG शिवालिक, जिसमें कुल 46,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी थी, मुंद्रा बंदरगाह पर पहुँच गया. इसमें से 20,000 MT मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी 26,000 MT मंगलौर के लिए निर्धारित है.

इससे पहले, नंदा देवी जहाज़ के मुख्य अधिकारी ने बताया था कि यह पहल बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय और भारतीय जहाज़रानी निगम द्वारा की गई थी, जिसमें भारतीय और ईरानी नौसेनाओं ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करने में ज़रूरी मदद दी.

उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहूंगा जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करने के इस अभियान में शामिल थे. यह पहल भारतीय मंत्रालय और भारतीय जहाज़रानी निगम द्वारा, भारतीय नौसेना और ईरानी नौसेना की मदद से की गई थी. जहाज़ ने होर्मुज़ को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है. अब यह गुजरात के कांडला की ओर बढ़ रहा है और वहां 46,000 मीट्रिक टन LPG की भारी मात्रा पहुंचाएगा. इससे LPG के वैश्विक संकट से निपटने में मदद मिलेगी. हम भविष्य में भी LPG की आपूर्ति जारी रखेंगे.”

जहाज़रानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि UAE से रवाना हुआ भारतीय ध्वज वाला जहाज़ ‘जग लाडकी’, जिसमें लगभग 81,000 टन मुरबान कच्चा तेल लदा है, सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है. अधिकारी ने बताया कि फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.

इसके परिणामस्वरूप, अब फ़ारसी खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज़ बचे हैं, जिनमें कुल 611 नाविक सवार हैं.


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