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Thursday, 23 April, 2026
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स्कूल भर्ती घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों के खिलाफ बिना अनुमति के प्राथमिकी दर्ज न की जाए: अदालत

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कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में अनियमितताओं की जांच कर रहे ईडी और सीबीआई के अधिकारियों के खिलाफ उसकी अनुमति के बिना कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती।

मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी कुंतल घोष ने हाल में आरोप लगाया था कि जांचकर्ता उस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी का नाम लेने का दबाव बना रहे हैं।

भर्ती घोटाले से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने निर्देश दिया कि अदालत की अनुमति के बिना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि घोष की ओर से निचली अदालत को भेजा गया वह पत्र उन्हें प्रभावित करने का आरोपी का एक प्रयास है, जिसमें भर्ती घोटाले में कथित तौर पर एक एजेंट की भूमिका निभाने वाले घोष ने लिखा था कि जांचकर्ता उसपर टीएमसी नेता का नाम लेने का दबाव बना रहे हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास भट्टाचार्य ने अदालत से अपील की पत्र की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।

ईडी की ओर से पेश वकील सम्राट गोस्वामी ने कहा कि 21 जनवरी को एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया घोष निचली अदालत के आदेश पर उसकी 14 दिन की हिरासत में है।

ईडी की हिरासत खत्म होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने पत्र के संबंध में ईडी और सीबीआई को 20 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

भाषा जोहेब माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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