नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्र गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि सूचना मिली थी कि एक गिरोह जाली शैक्षणिक दस्तावेज जारी करने के लिए एक संगठित नेटवर्क चला रहा है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी स्थित एक परिसर से अपना अवैध काम कर रहे थे, जहां उन्होंने फर्जी डिग्री, मार्कशीट और अन्य प्रमाणपत्र तैयार करने के लिए पूरी व्यवस्था की हुई थी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एहतियाती कार्रवाई के तहत 28 अन्य लोगों को पाबंद किया गया।’’
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान संजीव कुमार मौर्य (25), जनक नेउपाने (25), किशन कुमार (26), विक्की कुमार झा (26), आशीष थपलियाल (35), आकाश कुमार (21) और संजय आर्य (29) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के निवासी हैं।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि गिरोह ‘महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ नामक फर्जी संस्था के नाम से देश भर में भोले-भाले लोगों को फंसाता था।
इसने कहा कि आरोपियों ने अपने काम को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन नौकरी मंच के जरिए टेलीकॉलर भी भर्ती किए थे। पुलिस ने यह भी बताया कि इस गिरोह में एक संरचित पदानुक्रम था जिसमें प्रत्येक सदस्य को विशिष्ट भूमिकाएं सौंपी गई थीं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान, टीम ने 2.79 लाख रुपये नकद, 31 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, दो प्रिंटर और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया। कई जाली डिग्रियां, खाली प्रमाणपत्र और पीड़ितों के विवरण वाले रजिस्टर भी जब्त किए गए।’’
उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
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नोमान नेत्रपाल
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