नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली आबकारी विभाग के एक सिपाही और उनके निजी चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट, अपहरण और बंदूक के बल पर धमकी देने का मामला सामने आया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
प्राथमिकी के अनुसार, 10-12 लोगों के एक समूह ने सिपाही के साथ लूटपाट भी की और उन्हें दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित एक शराब के गोदाम में ले गए।
यह प्राथमिकी 23 फरवरी को शालीमार बाग थाने में दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता, सिपाही नरेशचंद शर्मा (36) दिल्ली आबकारी विभाग में तैनात हैं और वर्तमान में आईटीओ स्थित कार्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने निजी चालक राहुल के साथ कथित अवैध शराब गतिविधियों के संबंध में खुफिया जानकारी जुटाने के लिए इलाके में गए थे।
प्राथमिकी के अनुसार, ‘लाठी-डंडों और पिस्तौल से लैस 10-12 लोगों ने हमारे वाहन को घेर लिया, कार की खिड़कियों को पीटा और हमें बाहर खींच लिया। उन्होंने (आरोपियों ने) लाठियों से हमला किया, घूंसे और लातें मारीं और हमें जान से मारने की धमकी दी।’
उन्होंने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि हमलावरों में से एक ने उन पर पिस्तौल तान दी, जबकि अन्य ने उनके चालक की पिटाई की। आरोपी कथित तौर पर उनका बटुआ छीन ले गए, जिसमें उनका दिल्ली आबकारी विभाग का पहचान पत्र और 8,000 रुपये नकद थे। वे जबरन उनकी गाड़ी की चाबियां भी ले गए और दोनों पीड़ितों को उनकी अपनी ही कार में हरियाणा के बहादुरगढ़ की ओर ले गए।
प्राथमिकी में कहा गया है कि पीड़ितों को एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उनके साथ फिर से मारपीट की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों के वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी।
शर्मा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें भविष्य में शराब तस्करी में शामिल वाहनों को न रोकने की चेतावनी दी।
प्राथमिकी के के अनुसार, ‘कुछ समय बाद, आरोपियों ने हमें वापस दिल्ली में छोड़ दिया। हमने पुलिस को सूचित किया और बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में हमारी चिकित्सीय जांच कराई गई।’
शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। उनके मुताबिक, आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
भाषा नोमान नोमान माधव
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