नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उसने यहां यमुना के डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटा दिया है और उन झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया है, जिन्हें पिछले सप्ताह एकल पीठ द्वारा खाली करने का निर्देश दिया गया था।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ झुग्गीवासियों की अपील पर सुनवाई करते हुए डीडीए को इस कवायद के संबंध में एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।
पीठ ने पूछा, ‘‘क्या तोड़-फोड़ की कार्रवाई की गई है?’’
इस पर, डीडीए की ओर से पेश वकील प्रभसहाय कौर ने कहा, ‘‘हां। इसे पूरा कर लिया गया है।’’
कौर ने कहा कि नियमानुसार तोड़-फोड़ की कार्रवाई से पहले नोटिस दिया गया था।
पीठ ने कहा, ‘‘डीडीए की ओर से पेश वकील ने इस अदालत के समक्ष कहा है कि अतिक्रमण पहले ही हटा दिया गया है… एक हलफनामा दायर किया जाए।’’
अपीलकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि कब्जाधारी पिछले कई वर्षों से जमीन पर खेती कर रहे थे और उन्होंने इनके पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया।
भाषा शफीक सुरेश
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