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Thursday, 9 April, 2026
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आठ राज्य मिशन अमृत सरोवर के तहत लक्ष्य हासिल करने में पीछे

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नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) देश में जलाशयों के कायाकल्प का अभियान मिशन अमृत सरोवर के तहत उद्देश्यों को पूरा करने में आठ राज्य पीछे हैं, जबकि राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया है कि मिशन के क्रियान्वयन में पीछे रहने वाले राज्य पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, बिहार और राजस्थान हैं।

अप्रैल 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए मिशन अमृत सरोवर का लक्ष्य हर जिले में कम से कम 75 जलाशयों का कायाकल्प करना है। इसके तहत 15 अगस्त तक 50,000 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य था। मई में मंत्रालय ने घोषणा की थी कि 50,071 अमृत सरोवर के निर्माण के साथ राष्ट्रीय लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया गया।

बयान में कहा गया है कि हालांकि पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, बिहार और राजस्थान प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में पीछे हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, बिहार और राजस्थान के कुछ जिले अभी लक्ष्य हासिल करने से पीछे हैं। इसके अलावा, अन्य राज्यों ने प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवरों के जिला-स्तरीय लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किए हैं।’’

मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चिह्नित किए गए 1,12,277 अमृत सरोवरों में से 81,425 पर काम शुरू हो चुका है। कुल 66,278 अमृत सरोवरों का निर्माण या कायाकल्प किया गया है।

इस मिशन को सरकार के समग्र दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें आठ केंद्रीय मंत्रालय/विभाग भाग ले रहे हैं। इनमें ग्रामीण विकास विभाग, भूमि संसाधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायती राज मंत्रालय, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, रेल मंत्रालय, सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय शामिल हैं।

यह मिशन राज्यों और जिलों में राज्यों की अपनी योजनाओं के अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, 15वें वित्त आयोग अनुदान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएम-केएसवाई) की उप-योजनाओं जैसे वाटरशेड विकास घटक, हर खेत को पानी जैसी विभिन्न योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए कार्य करता है। मिशन इन प्रयासों के तहत नागरिक और गैर-सरकारी संसाधनों को जुटाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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