नई दिल्ली: शिपिंग मंत्रालय (पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग) और विदेश मंत्रालय मिलकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में फंसे 15 भारतीय झंडे वाले जहाजों को वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं.
सोमवार को एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा, “हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने जहाजों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. जैसे ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के निकलने की स्थिति बनेगी, वे वापस आ जाएंगे. फिलहाल वहां कुल 15 भारतीय झंडे और स्वामित्व वाले जहाज मौजूद हैं.”
इस बीच, 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर जा रहा भारतीय जहाज ‘जग विक्रम’ 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला पहुंचने की संभावना है. मुकेश मंगल ने बताया कि 24 नाविकों के साथ यह जहाज 11 अप्रैल को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है.
यह ट्रांजिट भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद यह पहला भारतीय जहाज है जिसने इस रणनीतिक मार्ग को पार किया है. इस युद्धविराम का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और समुद्री व्यापार को फिर से सामान्य करना है.
अतिरिक्त सचिव ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों और क्रू की स्थिति पर भी जानकारी दी और कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है.
उन्होंने कहा, “अब तक 2,177 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई जा चुकी है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 93 नाविक शामिल हैं.”
मंत्रालय ने कहा कि वह नाविकों की सुरक्षा और समुद्री संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है.
मंत्रालय के अनुसार, “देश के सभी बंदरगाहों पर काम सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी जाम या बाधा की सूचना नहीं है.”
