पटना, 30 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से रेलवे में कथित नौकरी के बदले भूखंड घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना स्थित कार्यालय में पूछताछ जारी है।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री मंगलवार सुबह करीब 11.35 बजे ईडी कार्यालय परिसर में दाखिल हुए। उनसे पूछताछ शुरू हो गई है।
इसी मामले में उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से ईडी के अधिकारियों ने यहां अपने कार्यालय में सोमवार को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने 19 जनवरी को लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव से पूछताछ के लिए नया समन जारी किया था।
इस मामले में राजद के दोनों नेताओं से पूछताछ के लिए दिल्ली से ईडी अधिकारियों की एक टीम रविवार को पटना पहुंची थी।
राजद ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का मंगलवार को आरोप लगाया।
राजद सांसद मनोज झा ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा से बातचीत में आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ईडी, सीबीआई और आईटी विभाग का इस्तेमाल उन लोगों के खिलाफ करती है जिनसे वे डरते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह स्पष्ट है कि दिल्ली के शासक अभी डरे हुए हैं और इसीलिए वे (विपक्षी दलों को) तोड़ने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।’’
झा ने दावा किया, ‘‘भाजपा का शीर्ष नेतृत्व विपक्ष से डरता है।’’
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए राजद के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा नेता 2024 के लोकसभा चुनाव से डरते हैं। यह सर्वविदित तथ्य है कि तेजस्वी यादव उस समय नाबालिग थे, जब कथित नौकरी के बदले भूखंड घोटाला मामला प्रकाश में आया था। वे उन पर इसलिए आरोप लगा रहे हैं क्योंकि वह लालू प्रसाद के बेटे हैं।’’
उन्होंने कहा कि बिहार में पिछली महागठबंधन सरकार में तेजस्वी यादव द्वारा भारी संख्या में प्रदान की गई नौकरियों से भाजपा नेता डर गए हैं।
राजद नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए बिहार के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब चारा घोटाला हुआ था। जब वह रेल मंत्री थे तो नौकरी के बदले जमीन घोटाला हुआ। फिर वे जांच एजेंसियों से क्यों डरते हैं… ईडी निश्चित रूप से मामले की जांच करेगी।’’
नौकरी के बदले जमीन घोटाला 2004 और 2009 के बीच रेलवे में नौकरियों से संबंधित है।
भाषा अनवर नरेश
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