नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है, जिसमें समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ और इसके प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों के उल्लंघन के आरोपों में दर्ज धनशोधन के मामले को रद्द कर दिया गया था।
शीर्ष अदालत में अपनी याचिका में, एजेंसी ने दलील दी कि उच्च न्यायालय ने पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) मामले की जांच किए बिना ही उसकी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द कर दिया, और फैसला सुनाने में पांच महीने की अत्यधिक देरी हुई।
यह मामला अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है।
उच्च न्यायालय की न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने 29 मई के एक फैसले में कहा था कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी को जारी रखना ‘‘कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग’’ है।
उन्होंने कहा कि जब मूल अपराध से जुड़ी प्राथमिकी रद्द हो जाती है, तो इस मामले में ईडी की ईसीआईआर को भी बंद कर दिया जाना चाहिए।
आर्थिक अपराध शाखा की 2020 की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि न्यूजक्लिक की मूल कंपनी, पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान अमेरिका की वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी से 9.59 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ। यह विदेशी निवेश कानून का उल्लंघन कर प्राप्त हुआ, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
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