scorecardresearch
Monday, 23 February, 2026
होमदेशकोहिमा पीठ के नए परिसर के निर्माण से जुड़े ‘गबन’ मामले में ईडी ने दाखिल किया आरोपपत्र

कोहिमा पीठ के नए परिसर के निर्माण से जुड़े ‘गबन’ मामले में ईडी ने दाखिल किया आरोपपत्र

Text Size:

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगालैंड के कोहिमा में गुवाहाटी उच्च न्यायालय की पीठ के नए परिसर के निर्माण में सार्वजनिक धन के कथित गबन से जुडे़ एक मामले में एक ठेकेदार और कुछ कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। ईडी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उच्च न्यायालय की कोहिमा पीठ ने 2017 की एक जनहित याचिका का संज्ञान लिया था, जिसमें सार्वजनिक धन के गबन और नए परिसर के घटिया निर्माण कार्य का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने का आदेश दिया था।

सीबीआई ने नगालैंड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और सरकारी ठेकेदारों के खिलाफ एक मामला जून 2019 में दर्ज किया था।

ईडी का यह मामला सीबीआई की शिकायत से उपजा है।

एजेंसी ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को दीमापुर स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) न्यायालय में अवितुओ सेखोसे (ठेकेदार), हेक्साड सिंडिकेट, थेपफुसातुओ रियो, महालेलिए रियो और विबेइलियेतुओ केट्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था।

ईडी ने बताया कि अदालत ने 12 जनवरी को आरोपपत्र का संज्ञान लिया।

ईडी ने कहा, ‘‘नगालैंड पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के नए परिसर में दो सुरक्षा दीवारों के निर्माण कार्य की लागत को धोखाधड़ी से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और ठेकेदार सेखोसे को 80.25 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि का भुगतान किया।’’

ईडी ने बताया कि इसी प्रकार, सरकारी ठेकेदारों और नगालैंड पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के बीच ‘षड्यंत्र’ के तहत उच्च न्यायालय परिसर की सड़क और फुटपाथ के निर्माण की लागत को भी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया, जिससे हेक्साड सिंडिकेट फर्म और उसके साझेदारों थेपफुसातुओ रियो, महालेलिए रियो और विबेइलियेतुओ केट्स को 29.68 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।

एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अपराध से अर्जित कुल धनराशि (पीएमएलए के तहत अवैध धन) 1.09 करोड़ रुपये है, जिसमें से 96.67 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

भाषा यासिर पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments