नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) में कक्षा नौ से 12वीं तक के सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े कथित मामले में तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा और अन्य लोगों की लगभग 57.78 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में कथित बिचौलिए प्रसन्ना कुमार रॉय और उसके सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं।
ईडी के अनुसार इन संपत्तियों में राजारहाट, न्यू टाउन, पाथरघाटा, गरगरी और उत्तर 24 परगना जिले के अन्य आसपास के क्षेत्रों के अलावा मुर्शिदाबाद और पूर्वी बर्धमान जिलों और कोलकाता में स्थित कई आवासीय अपार्टमेंट, विला और जमीन के टुकड़े शामिल हैं।
एजेंसी ने कहा कि ये संपत्तियां सहायक शिक्षकों की अवैध नियुक्तियों के माध्यम से अर्जित आय से प्राप्त की गई थीं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन की जांच शुरू की गई थी।
ईडी की जांच में पता चला है कि रॉय कथित घोटाला मामले में प्रमुख बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अयोग्य उम्मीदवारों से अवैध नियुक्तियां दिलाने के लिए भारी मात्रा में नकदी एकत्र कर रहा था।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस मामले के मुख्य आरोपी साहा, समूह-सी, समूह-डी और सहायक शिक्षक पदों पर अवैध नियुक्तियों के लिए अपराध की आय को इकट्ठा करने और उसके लेन-देन में सक्रिय रूप से शामिल था।
तृणमूल कांग्रेस के नेता को ईडी ने 25 अगस्त, 2025 को उस समय गिरफ्तार किया था, जब उन्होंने मुर्शिदाबाद स्थित अपने आवास पर तलाशी के दौरान कथित तौर पर भागने का प्रयास किया था।
ईडी ने कहा कि मुर्शिदाबाद और पूर्वी बर्धमान में साहा और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर अधिग्रहित लगभग 3.01 करोड़ रुपये की संपत्तियां धनशोधन के माध्यम से खरीदी गई थीं।
जांच में यह भी पता चला है कि रॉय की करीबी सहयोगी और पूर्व पत्नी नीलिमा मंगल के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी गई थीं, जिनके लिए कथित तौर पर अवैध भर्ती घोटाले से प्राप्त धन का इस्तेमाल किया गया था।
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देवेंद्र माधव
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