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Friday, 24 April, 2026
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ईडी ने मिलावट के मामले में एक डेयरी उत्पाद कंपनी के पूर्व सीईओ को गिरफ्तार किया

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नयी दिल्ली/भोपाल, 24 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘मिलावटी’ डेयरी उत्पादों की कथित बिक्री से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत मध्यप्रदेश में स्थित एक खाद्य कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

ईडी ने एक बयान में कहा कि जयंशी गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (जेजीएफपीपीएल) के सुनील त्रिपाठी को 20 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था। उन्हें भोपाल में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 28 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने आरोप लगाया कि त्रिपाठी ने जांच में सहयोग नहीं किया और जानबूझकर कई समन से बचते रहे।

एजेंसी ने बताया कि उसने एक अप्रैल को गुजरात के वडोदरा में त्रिपाठी के परिसर की तलाशी ली और अपराध में इस्तेमाल हुए कई दस्तावेज़ व उपकरण जब्त किए। ईडी ने बैंक में जमा 9.36 लाख रुपये की धनराशि पर रोक लगा दी।

ईडी ने मार्च में कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को भी गिरफ्तार किया था जो फिलहाल जेल में हैं।

एजेंसी ने कहा कि ‘मिल्क मैजिक’ ब्रांड नाम से डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाली जेजीएफपीपीएल डेयरी उत्पाद बनाने में दुग्ध वसा की जगह कथित तौर पर पाम ऑयल और हानिकारक रसायन इस्तेमाल कर रही थी।

ये उत्पाद न केवल भारतीय बाजारों में, बल्कि विभिन्न देशों में निर्यात भी किए जाते थे।

एजेंसी ने यह भी कहा कि कंपनी ने निर्यात मंजूरी प्राप्त करने के लिए इंदौर में स्थित निर्यात निरीक्षण एजेंसी को प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं की ‘जाली’ परीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की थीं।

ईडी का दावा है कि त्रिपाठी ने इन जाली दस्तावेजों को तैयार कराने, निर्यात संचालन की निगरानी करने और अपराध से धन अर्जित करने में ‘मुख्य भूमिका’ निभाई थी।

एजेंसी ने यह भी कहा कि कंपनी ने इस कथित अवैध गतिविधि के जरिए 20.59 करोड़ रुपये की धनराशि का धनशोधन किया।

पीएमएलए मामला अगस्त 2023 में कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ दायर एक प्राथमिकी से जुड़ा है।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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