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Friday, 6 March, 2026
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जीएसटी परिषद की सिफारिशें केंद्र, राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं लेकिन विचार करने योग्य : न्यायालय

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नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं, हालांकि इन पर विचार करना महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में सहकारी संघीय ढांचा है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के पास जीएसटी पर कानून बनाने की शक्तियां हैं लेकिन परिषद को एक व्यावहारिक समाधान प्राप्त करने के लिए सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए।

पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 246ए के मुताबिक संसद और राज्य विधायिका के पास कराधान के मामलों पर कानून बनाने की एक समान शक्तियां हैं। अनुच्छेद 246ए के तहत केंद्र और राज्य के साथ एक समान व्यवहार किया गया है, वहीं अनुच्छेद 279 कहता है कि केंद्र और राज्य एक-दूसरे से स्वतंत्र रहते हुए काम नहीं कर सकते।

शीर्ष अदालत ने कहा कि जीएसटी परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक विचार-विमर्श का नतीजा होती हैं।

पीठ ने कहा कि 2017 के जीएसटी अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो केंद्र और राज्य के कानूनों के बीच विरोधाभास से निपटता हो और जब भी ऐसी परिस्थितियां बनती हैं तो परिषद उन्हें उचित सलाह देती है।

न्यायालय ने गुजरात उच्च न्यायालय के एक फैसले को बरकरार रखते हुए यह निर्णय दिया। गुजरात की अदालत ने कहा था कि ‘रिवर्स चार्ज’ के तहत समुद्री माल के लिए आयातकों पर एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) नहीं लगाया जा सकता है।

भाषा मानसी अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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