scorecardresearch
Friday, 13 March, 2026
होमदेशअर्थजगतआयात शुल्क कम करने की ‘अफवाह’ से विदेशी बाजारों में खाद्य तेल-तिलहनों में तेजी

आयात शुल्क कम करने की ‘अफवाह’ से विदेशी बाजारों में खाद्य तेल-तिलहनों में तेजी

Text Size:

नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) खाद्य तेल कीमतों में तेजी और बढ़ती मुद्रास्फीति के मद्देनजर घरेलू तेल उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों में नरमी लाने के प्रयास के तहत सरकार द्वारा आयात शुल्क में कमी करने की ‘अफवाह’ से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को खाद्य तेल-तिलहनों की कीमतों में मामूली गिरावट आई। बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज में 3.25 प्रतिशत की तेजी थी, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में लगभग एक प्रतिशत की तेजी रही।

सूत्रों ने कहा कि शुल्क कम किये जाने की अफवाहों के बाद मलेशिया में खाद्य तेलों के दाम में लगभग 80 डॉलर प्रति टन की वृद्धि कर दी गई। सूत्रों ने कहा, ‘‘सरकार की ओर से आयात शुल्क में 90 डॉलर प्रति टन की कमी करने की अफवाहों के बीच मलेशिया ने तेल कीमतों में 80 डॉलर की वृद्धि कर दी है जिससे कीमतों में बहुत मामूली कमी आने की संभावना है और दूसरी ओर इससे देश को राजस्व का नुकसान ही होगा।’’

सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क कम ज्यादा करने की जगह सरकार को तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा क्योंकि इससे ही हमारी दूसरे देशों पर निर्भरता को खत्म करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि वायदा कारोबार के गोदामों में रखी विभिन्न वस्तुओं के अलावा पशु आहार बिनौला तेल खली की भी बीच-बीच में गुणवत्ता जांच कराई जानी चाहिये। इसकी पशु आहार के रूप में भारी खपत होती है।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक घटने के कारण सरसों दाना की कीमतों में सुधार आया जबकि सरसों के बाकी तेलों के दाम पूर्वस्तर पर रहे। मांग होने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर रहे पर सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम भी गिरावट के साथ बंद हुए। बिनौला तेल कीमतों में गिरावट रही जबकि मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि सरकार शुल्क कम ज्यादा करने से कहीं ज्यादा बाजार में थोक बिक्री मूल्य और खुदरा बिक्री मूल्य के बीच के भारी अंतर को कम करने के उपायों के बारे में विचार करे।

मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,590-7,640 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,735 – 6,870 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,640 – 2,830 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,385-2,465 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,425-2,535 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 15,100 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 7,050-7,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,750- 6,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments