नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार ‘जन विश्वास’ विधेयक के तीसरे संस्करण पर काम कर रही है जिसमें प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जटिल फॉर्म को कम कर कारोबार को सुगम एवं सुविधाजनक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
गोयल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि यह कदम छोटी-मोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने से आगे बढ़कर अनुपालन बोझ कम करने और व्यापार के लिए माहौल को अधिक सहज बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।
संसद ने दो अप्रैल को जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया था, जिसके तहत 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन कर 1,000 से अधिक छोटे अपराधों को तार्किक बनाया गया।
इसी तरह, 2023 में भी जन विश्वास कानून लाकर 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में बदलाव करते हुए छोटे अपराधों को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया गया था।
गोयल ने विश्व बैंक समूह के ‘बिजनेस रेडी’ प्रारूप पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि सरकार 21वीं सदी के अनुरूप अधिक प्रासंगिक और आधुनिक कानून बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि व्यवसाय शुरू करने और बंद करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत ‘भव्य’ योजना के अंतर्गत 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना है।
गोयल ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कहा कि भारत ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं और अगले दो वर्षों में छह-सात अन्य समझौतों की उम्मीद है, जिससे करीब 50 विकसित देशों के साथ व्यापार बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य देश के साथ संभावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए जुलाई में संयुक्त आर्थिक और व्यापार परिषद (जेटको) की बैठक में शर्तों पर सहमति बनने की उम्मीद है।
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