लखनऊ, 12 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना ने रविवार को कहा कि निवेशकों के सहयोग से उत्तर प्रदेश वर्ष 2027 तक या उससे पहले ही ‘उत्तम से सर्वोत्तम’ प्रदेश बन जाएगा।
सक्सेना ने लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन-2023’ के अंतिम दिन वन क्षेत्र पर आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से पहले के उत्तर प्रदेश और आज के उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जहां अंधेरा होता था, सड़कों पर गड्ढे होते थे, कानून व्यवस्था खराब थी, उस उत्तर प्रदेश की स्थिति आज एकदम बदल गई है। उन्होंने कहा कि अब यहां पर एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे और कानून व्यवस्था की सुदृढ़ व्यवस्था है।
सक्सेना ने कहा कि अब राज्य में उद्योगों का सम्मान है और निवेशकों को सुरक्षा भी मिल रही है। उनका पैसा सुरक्षित ही नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ भी रहा है। मंत्री ने कहा कि निवेशकों के सहयोग से 2027 तक या उससे पहले ही उत्तर प्रदेश उत्तम से सर्वोत्तम प्रदेश बन जाएगा।
उन्होंने निवेशकों से राज्य के युवाओं को रोजगार देने का आग्रह करते हुए मंत्रियों और अधिकारियों से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अपनी इकाइयां स्थापित करने में एमओयू, बिजली कनेक्शन, एनओसी या जमीन से संबंधित किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस मौके पर राज्यमंत्री कृष्णपाल मलिक ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उद्यमियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में निवेश करने पर उन्हें पश्चाताप नहीं, बल्कि गौरव की अनुभूति होगी।
इस बीच राज्य के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
भाषा आनन्द राजकुमार प्रेम
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