scorecardresearch
Friday, 3 April, 2026
होमदेशअर्थजगतपश्चिम एशिया संकट से एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि घटेगी, महंगाई बढ़ेगी : एडीबी

पश्चिम एशिया संकट से एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि घटेगी, महंगाई बढ़ेगी : एडीबी

Text Size:

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण यदि ऊर्जा बाजार (ईंधन आपूर्ति) में रुकावटें एक साल से अधिक समय तक बनी रहती हैं, तो वर्ष 2026-27 के दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर में 1.3 प्रतिशत अंक तक की गिरावट आ सकती है।

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के एक शोध में यह अंदेशा जताया गया है कि ऐसी स्थिति में महंगाई दर में भी 3.2 प्रतिशत अंक तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

एडीबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह संघर्ष ऊंची ईंधन कीमतों, सामान की आवाजाही और व्यापार में बाधाओं के माध्यम से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करता है।

इससे पर्यटन और विदेशों में काम करने वाले नागरिकों द्वारा घर भेजे जाने वाले धन (रेमिटेंस) पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक वृद्धि में सबसे गंभीर असर दक्षिण-पूर्व एशिया पर पड़ेगा, जबकि दक्षिण एशियाई देशों में महंगाई सबसे ज्यादा बढ़ने की आशंका है।

एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क ने कहा कि ईंधन की आपूर्ति में लंबे समय तक रहने वाली बाधाएं विकासशील देशों के सामने ‘धीमी प्रगति’ और ‘उच्च महंगाई’ के बीच एक कठिन स्थिति पैदा कर सकती हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारों को बाजार के उतार-चढ़ाव को संभालने और सबसे गरीब तबके को महंगाई की मार से बचाने पर ध्यान देना चाहिए।

रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि सरकारें कीमतों को जबरन दबाने के बजाय उन्हें स्थिर करने की कोशिश करें।

एडीबी का सुझाव है कि जब तेल और बिजली की कमी हो, तो हमें हर संभव तरीके से बिजली बचानी चाहिए।

एडीबी ने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंकों को बाजार के उतार-चढ़ाव को संभालने के साथ-साथ महंगाई की आशंकाओं पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

भाषा

सुमित अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments