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Sunday, 1 March, 2026
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वीओसी बंदरगाह ‘आउटर हार्बर’ परियोजना में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा

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(अभिषेक सोनकर)

तूतीकोरिन, एक मार्च (भाषा) वीओ चिदंबरनार (वीओसी) बंदरगाह अपनी बड़ी ‘आउटर हार्बर’ परियोजना में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसका मकसद बंदरगाह की कुल माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाना और तमिलनाडु को दक्षिण भारत का एक बड़ा ‘ट्रांसशिपमेंट केंद्र’ (एक जहाज से दूसरे जहाज में माल चढ़ाने-उतारने की जगह) बनाना है।

वीओसी बंदरगाह प्राधिकरण के चेयरपर्सन सुशांत कुमार पुरोहित ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में बताया कि यह निवेश 1,500 करोड़ रुपये के उस निवेश के अतिरिक्त है, जिसे बंदरगाह ढांचे के उन्नयन और नए जमाने की प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए रखा गया है।

वीओ चिदंबरनार बंदरगाह देश के बड़े बंदरगाहों में से एक है, जो तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से तूतीकोरिन में स्थित है। इसकी सालाना माल ढुलाई क्षमता 8.2 करोड़ टन की है। यह परिचालन में मौजूद सबसे पुराने बंदरगाहों में से है।

भविष्य की वृद्धि योजनाओं पर पुरोहित ने कहा कि ‘आउटर हार्बर’ हमारी बड़ी परियोजना है, जो समुद्री क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से जुड़ी है। हमारा मंत्रालय वीओसी बंदरगाह को दक्षिणी भारत का एक बड़ा ‘ट्रांसशिपमेंट केंद्र’ बनाना चाहता है।’’

उन्होंने कहा कि बढ़ते मौकों का फायदा उठाने के लिए, वीओसी बंदरगाह प्राधिकरण आउटर हार्बर परियोजना में करीब 15,000 करोड़ रुपये निवेश कर रहा है, जिससे 2027 और 2030 तक दो चरण में बंदरगाह की सालाना क्षमता 40 लाख टन बढ़ जाएगी।

यह बंदरगाह श्रीलंका, सिंगापुर और इंडोनेशिया जैसे दूसरे देशों में मौजूद अंतरराष्ट्रीय केंद्रों से मुकाबला करना चाहता है।

विस्तार के तहत 18 मीटर गहरायी वाली वाली दो बर्थ का विकास किया जाएगा। इससे इन बर्थ पर बड़े माल ढुलाई जहाज भी ठहर सकेंगे।

इन बर्थ पर 2.5 लाख डेडवेट टनेज (डीडब्ल्यूटी) तक के जहाज भी ठहर सकेंगे। डीडब्ल्यूटी से आशय किसी जहाज की सुरक्षित तरीके से माल ढोने की क्षमता से है।

पुरोहित ने बताया कि आउटर हार्बर यानी अतिरिक्त बर्थ जोड़ने की परियोजना के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है।

वित्तपोषण से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वीओसी बंदरगाह ने जरूरी कोष हासिल करने के लिए भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) और सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड) के साथ एक त्रिपक्षीय करार पर हस्ताक्षर किए हैं।

भाषा अजय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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