scorecardresearch
Wednesday, 25 February, 2026
होमदेशअर्थजगतशहरी नीतियों को छोटी सोच, कमियों के साथ काम चलाने की प्रवृत्ति ने बर्बाद किया: के पी सिंह

शहरी नीतियों को छोटी सोच, कमियों के साथ काम चलाने की प्रवृत्ति ने बर्बाद किया: के पी सिंह

Text Size:

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) भारत की अर्थव्यवस्था के पांच हजार अरब डॉलर के स्तर को छूने से पहले शहर नियोजन को नए सिरे से देखने की जरूरत है, क्योंकि शहरी नीतियों में ‘अदूरदर्शी सोच तथा कमियों के साथ काम चलाने की प्रृवत्ति’ भारत के लिए बहुत नुकसानदायक रही है। रियल एस्टेट क्षेत्र के दिग्गज कुशल पाल सिंह ने यह कहा।

जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी डीएलएफ लिमिटेड के मानद चेयरमैन सिंह ने कहा कि अदूरदर्शी सोच अभी भी बनी हुई है, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीजों को ठीक करेंगे।

अन्य देशों की तुलना में भारत शहरीकरण और शहरी आवास के मामले में क्यों पिछड़ गया, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘भारत की शहरीकरण नीति में बुनियादी ढांचागत खामी है।’’

देश के रियल एस्टेट परिदृश्य को आकार देने की दिशा में किए गये कार्यों के लिए 93 साल के सिंह को बृहस्पतिवार को ईवाई लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सिंह ने पांच दशक तक कंपनी का चेयरमैन पद संभालने के बाद जून 2020 में यह जिम्मेदारी छोड़ दी थी। अब डीएलएफ की कमान उनके बेटे राजीव के हाथों में है।

उन्होंने कहा कि भारत ने 50 के दशक के मध्य में जीवन जीने का सामाजिक तरीका अपनाया था, ‘‘तब हर चीज की कमी थी इसलिए छोटा सोचो और कमियों के साथ ही काम चलाने की नीति सी बन गई।’’ इस सोच को शहरीकरण के लिए विनाशकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि जब सोच छोटी होती है तो रास्ता भी छोटा होता है, बिजली आपूर्ति और पूरी ड्रेनेज प्रणाली भी छोटी होती है और फिर एक्सप्रेस हाइवे भी छोटे ही होते हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘यह नहीं सोचा जाता कि समय के साथ जिन लोगों के पास साइकिल और मोटरसाइकिल है उनके पास कारें होंगी। सारी की सारी डिजाइन एक अपार्टमेंट, एक कार और संभवत: दो मोटरसाइकिल के लिए की जाती है। लेकिन यहां तो एक भी मोटरसाइकिल नहीं, बल्कि चार कारें हैं।’’

उन्होंने कहा कि देश को बीते समय से सीख लेना चाहिए और शहरीकरण की नीतियों पर नए सिरे से और समझदारी से विचार करना चाहिए।

भाषा

मानसी रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments