श्रीनगर, 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।
पिछले महीने जम्मू कश्मीर में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बाद यह राजमार्ग भारी वाहनों के लिए बंद है।
डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लेने वाले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजमार्ग के लंबे समय तक बंद रहने के कारण फल उत्पादकों और व्यापारियों के सामने आने वाली कठिनाइयों का उल्लेख किया।
अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री से भारी वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत और रखरखाव जरूरी हैं, लेकिन यह महत्वपूर्ण यातायात को लंबे समय तक रोककर नहीं होना चाहिए।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘सड़क की मरम्मत का काम अभी रुक सकता है। लेकिन बड़े ट्रक, खासकर चार और पांच एक्सल वाले, मुगल रोड से नहीं जा सकते। उनके लिए यही एक ही रास्ता है, और अकेले कश्मीर की तरफ ही बहुत सारे ट्रक फंसे हुए हैं। इन फंसे हुए ट्रकों को जल्द से जल्द हटाना बहुत जरूरी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटी में फलों की कटाई का मौसम अपने चरम पर है और परिवहन में देरी से उत्पादकों एवं व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
अब्दुल्ला ने कहा कि छोटे वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जा सकता है, लेकिन श्रीनगर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को भारी यातायात के लिए तब तक खुला रखा जाना चाहिए जब तक कि सभी फंसे हुए वाहन निकल नहीं जाते।
उन्होंने कहा कि मरम्मत का कार्य तभी शुरू किया जाना चाहिए जब दोनों तरफ का फंसा यातायात पूरी तरह से साफ हो जाए।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि गडकरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क बनाने का काम फिर से शुरू होने से पहले, फंसे हुए ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को सबसे पहले हटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से लेन अनुशासन सुनिश्चित करने तथा राजमार्ग पर यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए यातायात को विनियमित करने को कहा।
भाषा योगेश रमण
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